पहली बार में ही कुत्तिया बन गयी - Indian Sex Stories

पहली बार में ही कुत्तिया बन गयी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मीरा है और में 21 साल की हूँ. ये कहानी तब की है जब में कॉलेज के फर्स्ट ईयर में थी. मेरी हाईट 5 फुट 2 इंच है और मेरे बूब्स की साईज 34C-28-37 है, गोरा रंग और तीखे नैन नक्श है, कुल मिलाकर मस्त फिगर और सुन्दर चेहरा है.

कॉलेज में हमारे ग्रुप में राज नाम का एक लड़का था, जिसके में ज़्यादा नजदीक थी. हम लोग काफ़ी टाईम साथ में बिताते थे और दिल ही दिल में एक दूसरे को पसंद करते थे, लेकिन कभी अपनी फीलिंग को बताया नहीं था. राज 5 फुट 10 इंच की हाईट वाला सुंदर लड़का था.

एक दिन की बात है हम लोग कॉलेज कैम्पस में कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी पास में क्रिकेट खेल रहे लड़को की बॉल मेरे बूब्स पर लगी और मेरी कोल्ड ड्रिंक मेरे टॉप पर गिर गयी. मैंने उस दिन सफ़ेद टॉप पहना था, जिसका कपड़ा पतला था. अब गीली होने के कारण मेरा टॉप मेरे बूब्स से चिपक गया और मेरे बूब्स साफ दिखाई देने लगे. उस टाईम वहाँ पर मौजूद सारे लड़को की नज़र मेरे बूब्स पर टिक गयी और वो लोग घूर कर मेरे बूब्स को देखने लगे.

तभी मेरी एक फ्रेंड ने अपना स्टॉल मेरे ऊपर डाला और मुझसे कहा कि में घर जाकर ड्रेस चेंज करके आ जाऊं, वरना कोल्ड ड्रिंक का दाग नहीं निकलेगा. फिर मैंने उसकी बात मान ली और राज को अपने साथ बाइक पर चलने को बोला. मेरा घर कॉलेज से 10 मिनट की दूरी पर ही था, अब घर पहुँच कर राज ने मुझसे बोला कि में बाहर इंतजार करता हूँ तू चेंज करके जल्दी आजा. फिर मैंने उसे बोला बाहर खड़ा होना अच्छा नहीं लगता तू अंदर ही आजा, उस टाईम मेरे घर पर कोई नहीं था, मेरे मम्मी-पापा दोनों ऑफिस गये हुए थे.

अब अंदर आकर जैसे ही में दरवाजा बंद करने के लिए मुड़ी तो राज ने मुझे पीछे से कसकर पकड़ लिया और मेरे टॉप के अंदर हाथ डालकर मेरे बूब्स दबाने लगा. फिर एक झटके में उसने मेरी टॉप उतार दी और मेरी ब्रा खोल दी और मुझे अपनी तरफ घुमाकर मुझे किस करने लगा. अब में भी उसे किस करने लगी, अब उसके हाथ मेरे बूब्स पर थे और वो उन्हें ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. अब में उसके सामने टॉपलेस थी, में सिर्फ़ अपनी स्कर्ट में थी.

अब उसने मुझे सोफे पर लेटा दिया और मेरे बूब्स चूसने लगा, जैसे छोटा बच्चा दूध पीता है. अब वो धीरे-धीरे मेरी पूरी बॉडी को किस करता हुआ नीचे की तरफ जाने लगा और अपना एक हाथ मेरी स्कर्ट में डालकर मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत को सहलाने लगा. अब मेरी चूत गीली हो चुकी थी. फिर उसने एक झटके से मेरी पेंटी खींचकर उतार दी और मेरी चूत को चूसना शुरू ही किया था कि मेरी फ्रेंड का का फोन आया और बोली कि तू तो घर जाकर ही बैठ गयी, लेक्चर शुरू होने वाला है.

फिर हम लोग जल्दी-जल्दी तैयार होकर कॉलेज पहुँच गये और चुपचाप क्लास में लास्ट की सीठ पर बैठ गये. अब लेक्चर के बीच-बीच में राज मेरी स्कर्ट में हाथ डालकर मेरी चूत को पेंटी के ऊपर से रब कर देता, जिससे पूरे लेक्चर में मेरी पेंटी गीली रही. फिर थोड़ी देर में मेरे फोन पर उसका मैसेज आया “बाकी का काम कॉलेज के बाद पूरा करेंगे” अब मैसेज पढ़ते ही मेरी पूरी बॉडी में जैसे करंट दौड़ गया था. अब कॉलेज ख़त्म होते ही हम सीधे मेरे घर पहुँचे और दरवाजा लॉक करते ही वो मुझ पर टूट पड़ा और मुझे जोर-जोर से किस करने लगा.

अब हम मेरे बेडरूम में चले गये थे. अब बेडरूम में ले जाकर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी ब्रा उतार कर मेरी पूरी बॉडी पर किस करने लगा और मेरे बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा. अब मेरे मुँह से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़े निकल रही थी और अब में बहुत गर्म हो चुकी थी.

फिर उसने मेरी पेंटी उतारी और मेरे पैर उठाकर मेरी चूत को चाटने लगा, जैसे कोई बच्चा आइसक्रीम चूसता है अहह उम्म्म्मम अब में मस्ती में झूम रही थी. फिर उसने अपनी उंगली मेरी चूत में डाल दी और ज़ोर-ज़ोर से फिंगरिंग करने लगा. अब मुझे हल्का-हल्का दर्द हो रहा था, लेकिन मज़ा भी आ रहा था.

फिर थोड़ी देर फिंगरिंग करने के बाद उसने अपनी अंडरवियर उतारी ओह गॉड उसका 6 इंच का लंड देखकर तो में घबरा गयी और मैंने बोला कि प्लीज राज में नहीं ले पाऊँगी, लेकिन वो नहीं रुका और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा, अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैंने दर्द के मारे रोना शुरू कर दिया था. तब वो उठा और मुझे अपने ऊपर बैठने को बोला और मेरी कमर पकड़ कर मुझे अपने लंड पर बैठाने लगा.

अब में धीरे-धीरे उसका लंड अपने अंदर लेने लगी थी, तभी उसने झटके से मुझे नीचे किया और उसका पूरा 6 इंच का लंड मेरे अंदर चला गया. अब दर्द के कारण मेरी चीख निकल गयी और अब मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी चूत फट गयी है. तब उसने मेरी कमर पकड़ कर ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया और अब मेरा दर्द मजे में बदलने लगा था. अब मैंने इन्जॉय करना शुरू कर दिया था.

अब वो अपने लंड को धीरे-धीरे मेरी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था, वो बीच-बीच में मेरे बूब्स पर हल्के-हल्के चांटे मारता तो कभी मेरे निप्पल को चिमटी भरता और मेरी चीख निकल जाती. अब करीब 10 मिनट तक किसिंग और फुकिंग के बाद में तुरन्त डॉगी पोज़िशन में आ गई. फिर उसने 10 मिनट तक मेरी जोर-जोर से झटके देकर मेरी चुदाई की. अब मेरी चूत बहुत बुरी तरह से दर्द कर रही थी और हम लोग करीब 30 मिनट तक ऐसे ही नंगे एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे. अब हम बीच-बीच में एक दूसरे को किस करते तो कभी वो मेरे बूब्स चूसता और उसके बाद वो अपने घर चला गया. फिर रात को उसका मैसेज आया.

राज – तेरी चूत बहुत टेस्टी है, फिर चाटने का मन हो रहा है.

अब मैसेज पढ़ते ही मेरे गाल लाल हो गये और मैंने तुरन्त जवाब दिया.

में – तो तुझे रोका किसने है?

राज – देख तुझे तो कल बताता हूँ, तेरी चूत का चोदकर बुरा हाल ना किया तो.

में – में तुम्हारा इंतजार करुँगी, जानेमन.

राज – साली तू तो एक बार में ही कुत्तिया बन गयी है.

में – तुने ही तो बनाया है, कमीने.

राज – तुने अभी क्या पहना है?

में – पजामा और टॉप.

राज – उतार कर पूरी नंगी हो जा और एक हाथ से अपने बूब्स दबा और एक हाथ से फिंगरिंग कर और सोच कि में तुझे अभी चोद रहा हूँ.

अब मैसेज पढ़ते ही मेरी चूत गीली हो गयी और वही करने लगी जो उसने कहा, तभी उसका मैसेज आया.

राज – क्या हुआ?

में – कुछ नहीं.

राज – बस अब रुक जा, कल के लिए भी कुछ रहने दे.

ठीक है कल कॉलेज के बाद मेरे घर पर मिलते है, गुड नाईट.

में – गुड नाईट.

उसके बाद हम लोग कॉलेज में बिल्कुल नॉर्मल फ्रेंड्स की तरह रहते और कॉलेज के बाद लगभग रोज़ मेरे घर पर मिलते, कई बार कॉलेज में भी अकेले में उसने मेरी पेंटी उतार कर रख ली और कभी लेक्चर्स में मेरी स्कर्ट में हाथ डालकर फिंगरिंग करता रहता.

एक दिन उसने मुझे रात में फोन किया और बोला कि तुझे देखने का बहुत मन है प्लीज अपनी बालकनी में आ जा, में नीचे ही खड़ा हूँ. फिर मैंने बालकनी में जाकर देखा तो वो बाहर ही खड़ा था. अब वो मुझे देखकर बोला कि अपनी टॉप उतार कर नीचे फेंक दे.

में – क्या? ये तुम क्या बोल रहे हो?

राज – जो बोला है वो कर साली कुत्तिया.

में – ओके रुको, अभी देती हूँ और मैंने अपना टॉप और ब्रा नीचे फेंक दी, जो उसने नीचे पकड ली थी.

राज – हँसते हुए, साली तू तो पक्की कुत्तिया हो गयी है, अपनी बालकनी में आधी नंगी खड़ी है. चल अब ऐसे ही खड़े होकर मुझसे से बातें कर.

अब बालकनी में हल्की हल्की लाईट आ रही थी, जिसमें साफ पता चल रहा था कि मैंने ऊपर कुछ नहीं पहना है. अब ठंडी हवा से मेरे निप्पल कड़क हो गये थे. फिर मैंने उसे बताया तो उसने मुझे अपने बूब्स पकड़ कर निप्पल मुँह में डालने को बोला, तो मैंने वैसा ही किया.

फिर उसने मुझे अपने बूब्स रेलिंग से बाहर की तरफ लटकाने को बोला, तो मैंने वैसा ही किया. अब हम लोग करीब आधे घंटे से ऐसे ही बात करते रहे. अब वो मेरा टॉप अपने साथ लेकर चला गया और अगले दिन कॉलेज में वापस किया. उस दिन में ऐसे ही आधी नंगी सोई और पूरी रात मेरी चूत गीली रही.

एक रात उसने मुझे मिलने के लिए मेरी बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बुलाया और मुझे किस करने के बाद उसने मुझे अपना लंड चूसने को बोला. मैंने ऐसा कभी नहीं किया था तो मैंने उसे मना कर दिया, लेकिन उसने जबरदस्ती मेरा मुँह अपने लंड की तरफ किया. अब मेरे मना करने पर भी उसने मेरी टॉप उतार दी और अपना लंड मेरे मुँह में ज़बरदस्ती डालकर बोला कि चूस साली, नहीं तो अभी ज़ोर से बोलूँगा तो सब लोग जाग जायेंगे और तुझे इस हालत में देखेंगे.

फिर में चुपचाप एक अच्छी कुत्तिया की तरह उसका लंड चूसने लगी. फिर थोड़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद उसने मेरा पजामा उतार दिया और वहीं सीढियों पर मुझे डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद मेरा टॉप, ब्रा और पेंटी अपने साथ ले गया और में बिना अपने टॉप के सिर्फ़ पजामे में दो फ्लोर नीचे अपने घर गयी और ऐसे ही सो गयी. फिर उसने अगले दिन मेरे कपड़े वापस दे दिए. फिर हम ऐसे ही दो साल तक चुदाई करते रहे, अब कॉलेज के बाद वो पढाई के लिए दूसरी सिटी में चला गया और कुछ महीने बाद मेरी शादी तय हो गयी तो मेरी उससे बातचीत ख़त्म हो गयी.