टूर पे अम्मी की चुदाई - Indian Sex Stories

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टूर पे अम्मी की चुदाई

हाय दोस्तों यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है, और इस कहानी में मैं अपने अम्मी की चुदाई कैसे हुई वह बताऊंगा. उससे पहले मैं अपना इंट्रोडक्शन देता हूं. मैंरा नाम साहिल हे और मेरी उमर १८ साल है. मेरे घर में मेरी रंडी अम्मी, अब्बू और मैं रहते हे. यह सब सुन कर आप लोग हैरान हुए होंगे कि मैं अपनी अम्मी को रंडी क्यों कह रहा हूं, लेकिन यह kamsutra कहानी पढ़ने के बाद आप लोग भी मेरे अम्मी को रंडी ही बोलेंगे.
मेरी अम्मी का नाम नाजिया हे और उसकी उमर ३६ साल है. मेरी अम्मी की हाइट ५ फुट ९ इंच है और उसका वजन ७० किलोग्राम है. मेरी अम्मी की बदन को सोच के न जाने कितने लोग अपना मुठ मारते होंगे, यहां तक कि मैं और मेरे ग्रुप के 4 दोस्त भी अम्मी को याद करके मुठ मारते हैं
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पहले मैं मेरे अच्छे और सच्चे दोस्तों पर गुस्सा होता था कि अम्मी के बारे में सही बोलो, लेकिन अब मैंरी भी अम्मी के बारे में सोच बदल गई हे. अम्मी हर वक्त नाईटी में पहन के होती है. और वह ज्यादा घर से बाहर नहीं जाती हे और उसे अगर जाना हो तो साड़ी या फिर सलवार पहन लेती है. और कभी तो बुरखा भी पहन लेती है.
अब्बू एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं. यह कहानी पिछले महीने की है जब हम सब रिश्तेदार के निकाह में जा रहे थे, मेरे खाला के बड़े बेटी का निकाह था. मैं और अम्मी १० दिन पहले जा रहे थे और अब्बू को ऑफिस के काम से इतना दिन छुट्टी लेना मुमकिन नहीं था इसीलिए वह तो निकाह के वक्त ही आने वाले थे.
उस दिन शुक्रवार था और सब प्राइवेट बस, ट्रेवल्स फुल थे. हम लोगो ने एक घंटे बस स्टॉप पर रुके थे, मैं और अम्मी हमारे सामान के साथ एक साइड में बैठे हुए थे, और मेरे अब्बू यहाँ वहा घूम घूम कर हमारे लिए बस ढूंढ रहे थे. उनको सीट मिल रही थी लेकिन बाजू वाली सीट पर आदमी मिल रहा था मैं तो एडजस्ट कर सकता था लेकिन अम्मी को औरत साइड पैसेंजर चाहिए ऐसा अब्बू सोच रहे थे, इसीलिए बहुत टाइम लग रहा था. हमारे सफर में कम से कम १६ से १७ घंटे लगने वाले थे.
शुक्रवार रात के ९:३० बज गए थे. फिर मैने अम्मी को कहा आप यहां बैठिए मैं ज़रा वॉशरूम होकर आता हूं. अम्मी बोली ठीक है. मैं वाशरूम से आकर जरा दूसरी तरफ रुक गया. तभी मुझे दो तीन लोग अम्मी की तरफ देख के गंदी बातें करते और हंसते हुए दिखे और अम्मी भी उन लोगों को लाइन दे रही थी. अम्मी ने उस वक्त पिंक कलर की साड़ी और सिल्वर कलर का सिवलेस ब्लाउज पहना हुआ था. साड़ी नवल के बहुत नीचे तक बंधी हुई थी. पैरों में पायल, आँखों में काजल, बहुत सारा मेकअप करके अम्मी एक टॉप क्लास की रंडी दिख रही थी, जैसे अपने यार से चुदने जा रही हो. वह सब मैं देख रहा था. तभी अब्बू वहां अम्मी के पास आए.
तब भी अम्मी उन लोगों के पास चुप चुप के देख रही थी. उन लोगों के बातों से मुझे पता चला कि वह भी हमारे गांव ही जा रहे थे. मैं अम्मी और अब्बु के पास गया, अब्बू बोल रहे थे कि सारी बसे एकदम फुल हे तो हम नहीं जा सकते और उन्होंने कहा की चलो घर चलते हैं. अम्मी बोली नहीं अब आए हैं तो किसी ना किसी बस में निकल ही जाते हैं, आपकी वजह से सीट नहीं मिली. अम्मी गुस्सा थी अब्बू पे. इस लिए मेरे अब्बू फिर से जाकर हमारे लिए बस ढूंढने लगे. मैं और अब्बू बैठे थे. हम भी बैठे थे फिर १०:३० बजे एक आदमी को बजे लेकर आए.
अब्बू ने कहा नाजिया, यह मनोज है और उनकी गाड़ी भी अपने गांव जा रही है, इनकी गाड़ी में और २ लोग हैं यह अपने ही एरिया में रहते हैं.
अम्मी ने कहा : ठीक है आप ढूंढ के लाये हो तो अच्छा ही होगा.
मैंने कहा : कौन सी गाड़ी है अब्बू?
मनोज ने कहा : मरे पास महिंद्रा xuv 500 हे. मैने उसे लिए हुए २ महीने ही हुए हैं.
मैंने यह सुनकर कहा बहुत अच्छी गाड़ी है.
( हम लोग उस गाड़ी के पास गए तो देखा के वह वही लोग है जो अम्मी को घुर कर देख रहे थे.
अब्बू और मैंने गाड़ी में सामान रख दिया.
मैंने कहा : अंकल क्या मैं आगे बैठा जाऊ, अब्बू प्लीज?
अब्बू ने कहा : अम्मी को बैठने दे आगे, और तू पीछे बैठ जा.
मैंने कहा प्लीज मैंने बहुत रिक्वेस्ट की प्लीज़ अब्बू प्लीज़ अम्मी प्लीज़ मुझे आगे बैठना हे. मुझे सब देखना हे.
अम्मी ने कहा : ठीक हे बैठो तुम आगे. मैं पीछे बैठ जाती हूं.
मैं यह सुनकर बहुत खुश हुआ
अब्बू ने कहा नाजिया, पैसे मनोज को दे दिए हैं. तुम वहां जाते ही मुझे कॉल कर दो. मनोज भाई कब तक जाएगी गाड़ी?
मनोज ने कहा कल शाम ५ से ६ बजे तक पहुंच जाएंगे.
अब्बू ने कहा : ओके, अच्छे से जाना, मैं चलता हूं, बाय.
और हमारी भी गाड़ी चल दी.
गाड़ी में मनोज, अजय, रोहन यह सब हमारे एरिया में रहने वाले थे और मुझे पता है कि यह सब अम्मी को जानते होंगे. सबकी सब की उम्र 25 साल के आस पास होगी ऐसा मुझे उनको देख के लग रहा था और मुझे लग रहा था की वह लोग कही घुमने के लिए जा रहे हे.
थोड़ी देर गाड़ी चलती रही उसके बाद
अम्मी ने कहा : तुम्हारी गाड़ी बहुत अच्छी है.
मनोज ने कहा : हां आंटी जी अभी २ महीने ही हुए हैं इसको लिए हुए.
अम्मी ने कहा : अरे मेरा नाम नाजिया है. तुम लोग मुझे आंटी मत कहो.
मनोज ने कहा : आप उम्र में मुझसे बड़ी है इसीलिए मैं आपको आंटी बुला रहा हूं.
अम्मी ने कहा : कुछ नहीं, और तुम्हारे नाम क्या है?
मनोज ने कहा : मैं मनोज, यह ब्लैक टी शर्ट वाला अजय, और आप के बाजू वाला रोहन हे हम सब अच्छे दोस्त हे.
अम्मी ने कहा : ओके यह मेरा बेटा शाहिल. आप सब टूर पर हो क्या? हमने आप का टूर खराब तो नहीं किया ना?
रोहन ने कहा : हम सब लोग टूर पर हैं मनोज का प्रमोशन हुआ है इसलिए सेलिब्रेशन है. लेकिन हमारा टूर खराब क्यों होगा?
अम्मी ने कहा : ओह मनोज कांग्रेचुलेशन. नहीं आप सब इंजॉय करते हुए जा रहे थे लेकिन अब हम आ गए. तो आप को अच्छे से आपकी सफर में इंजॉय करने को नहीं मिलेगा ना.
अजय ने कहा : तो इसमें क्या हे बहनचोद आप भी हमारे साथ इंजॉय कर लो.. औहह ओह्ह सॉरी… वैसे आप किधर जा रहे हो?
मनोज ने कहा : है अजय डोंट..
रोहन ने कहा : सॉरी नाजीया, यह पागल हे यह ऐसे ही बातें करता है.
अजय ने कहा : सॉरी आंटी जी
अम्मी ने कहा : फिर से आंटी?
अजय ने कहा : हस्ते हुए सोरी आंटी जि.
मनोज ने कहा : नाजिया यह कभी नही सुधरेगा, तुम्हें तंग कर रहा है वह.
अम्मी ने कहा : अच्छा अगर अब आंटी बोला ना मैं तेरा गला दबा दूंगी समझे?
अजय ने कहा : ठीक है आंटी जी. अम्मी उसका गला दबाने लगी मैं भी देख रहा था अम्मी के बोल रोहन के कंधे पर दब रहे थे.
अम्मी ने कहा : अब बोल आंटी.
अजय ने कहा : ओह्ह सॉरी नाजिया ( हंसते हुए )
ऐसे ही मजाक मस्ती करते हुए हम एक ढाबे पर रुक गये.