indian sex stories पड़ते हुए बहन की चुदाई

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हेल्लो , दोस्तों indian sex stories में आप सभी का स्वागत है. मेरा नाम हरीश सिंह है और मैं पटना का रहने वाला हु. मैंने ग्रेजुएट की पढाई पूरा कर लिया है और मैं आभी एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हु. घर में मै , मम्मी ,पापा और मेरी छोटी बहन करिश्मा रहती है. ,मेरे पापा जिस कम्पनी में काम करते थे वह कम्पनी बंद हो गई है . इस कारण घर की सारी जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई है. मैरी सारी सैलरी घर के खर्चे में ही चला जाता है.फिर भी मे कुछ पैसे सभी से छिपाके बचा लेता हु और बचाए हुए पैसे से indian sex stories की किताब खरीदता हु. और रोज रात को जाब मे सोने जाता हु तो जरुर एक बार वह किताब पड़ता हु. मुझे indian sex stories की कहानी पड़ने की लत लगभग 3 साल पहले हुआ था. जब मै कॉलेज में था. मैरे तिन बेस्ट फ्रेंड थे जो इस तरह के कहानी रोज ही पड़ते थे. मुझे एक दिन उनपर सक हुआ और मैंने किताब को खोल कर देखा तो साला मेरा लंड तो किताब को खोलते ही खड़ा हो गाया. क्या नंगा मस्त फोटो और सभी तरह के चुदाई की कहानी थी. किताब को पड़ते-पड़ते मेरे लंड का माल निकल गया और बिना चोदे ही मै झर गया. और मुझे तभी से indian sex stories की लत लग गया.

एक दिन मै indian sex stories में बहन की चुदाई की कहानी पड़ रहा था. तभी मेरी बहन करिश्मा अचानक आकर कहने लगी, भईया आप आभी तक सोये नाही हो .आप क्या कर रहे है. मैने कहा, करिश्मा मै कहानी पड़ रहा हु. तुम जाओ जब मै कहानी पढ़के ख़त्म कर लूंगा तो सो जाऊ गा. करिश्मा नहीं मानी और मेरे पास बेठ कर बोलने लगी भैया मुझे भी कहानी पड़ना है. मैने कहा, नहीं यहाँ कहानी बच्चो के लिए नहीं है. यहाँ सिर्फ बड़े ही पड़ते है. तुम इस कहानी को नहीं पड़ सकती. यहाँ सुनते ही करिश्मा रोने लगी और जिद करने लगी कहानी पड़ने के लिए. तब मैने उसे बताया की, बहन करिश्मा तुम अगर 18+ होती अर्थात 18 साल या इससे ऊपर तुम्हारा उम्र होता तो मै खुद ही इस कहानी को तुम्हे पड़ने को दे देता या फिर मै ही पड़ के तुम्हे सुनाता. इतना कहते ही करिश्मा ने रोना बंद करके दोरते हुए मेरे कमरे से भाग गई. मुझे लगा की सायद उसने मेरी बाते मान ली और सोने के लिए माम्मी के पास चली गयी. और मैने बहन की चुदाई की indian sex stories पड़ना शुरू कर दिया. कहानी में सगे भाई ने बहन को अंधेरे में चुदाई की. क्या मस्त कहानी था.और कहानी पड़ने के बाद मेरा लंड एक दम लोहे जेसा टाईट हो गया था. मुझे एक चूत की जरुरत थी.

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जैसे ही मै आपने लंड को लुंगी के बाहर निकल के मुठ मारने जा रहा था .ठीक उसी समय करिश्मा आके मैरे गोद में बेठ गई और कहने लगी, भाई देखो यहाँ मेरा डेट ऑफ़ बिर्थ है जिसमे मै 19 साल की हु. आब तुम मुझे कहानी पड़ के सुनाओ. मैने कहा, आज नहीं फिर कभी. वह मेरे गोद में जोर-जोर लाफाने लगी जिससे की मेरा लंड उसके गाड़ में टार्च करने लगा और में उसी वक्त झर गया. मैने करिश्मा को गोद से उतारा और जोर से कहा की करिश्मा तुम मेरे रूम से चली जाओ और कभी फिर मेरे पास म़त आना , जाओ चली जाजो. और यहाँ सुनते ही करिश्मा रोते हुए मेरे रूम से चली गई. जब सुबह हुई तो मेने देखा की करिश्मा अभी तक मुझसे नाराज है. मैने कई बार उससे बात करने की कोशिश किया पर वहा नहीं मानी. अंत तक मैने हार मानकर उसके सामने हाथ जोरके कहा, बताओ मैरी बहना एसा क्या करू की तुम मुझे माफ कर दो, क्या तुम्हे कोई गिफ्ट चाहिए तो निसंद बताओ मै आभी ही ला देता हु. तभी करिश्मा ने कहा, भाई मुझे कुछ भी नहीं चाहिए तुम सिर्फ मुझे कल रात की कहानी पड़के सुना दो. मुझे और कुछ भी नहीं चाहिए. मैने कहा, ठीक हे अगर तुम्हारी खुसी इसी में है तो मुझे कोई भी प्रॉब्लम नहीं है. पर यहाँ कहानी मै सिर्फ सोमवार को सुनाऊ गा जब मम्मी-पापा रिश्ते दार के शादी में चले जायेंगे. करिश्मा ने बोला, ठीक है भाई.

सोमवार का दिन था. मम्मी-पापा रिश्तेदार के शादी मे जाने के लिए त्यार थे. जाते हुए मम्मी-पापा ने कहा बच्चो हम लोग दो दिन तक वापस नहीं आयेंगे घर का तुम लोग ख्याल रखना. यहाँ कहकर वह लोग चले गए. करिश्मा मेरे पास आई और कहने लगी, भाई आब चलो मुझे कहानी शुन्ना है . मैने कहा पर आभी तो मुझे ऑफिस का कुछ काम है. सबसे पहले तुम खाना बनालो,और तुम्हारे खाना बनाने से पहले मै आपनी ऑफिस का काम भी ख़त्म कर लूँगा. वह मेरा बात मान गई और किचेन मे चली गई. वह जैसे ही किचेन में गई मैने आपना खड़ा हुआ मोटा सा लैंड पेंट से निकाल कर मुठ मारने लगा. क्यू की मै बहुत ही गर्म हो गया था. मन ही मन मे सोच रहा था की यदि indian sex stories पड़ते वक्त मेरी बहन गर्म हो जाये या मै गर्म हो जाऊ तो . इस लिए कहानी पड़ने से पहले मै खुद को शांत रखना चाहता था . मुठ मारके मैने आपने लंड को शांत कर दिया. मै इतना गर्म हो गया था की मुझे समय का भी पता नहीं चला लगभग 1 घंटा बीत गया था. मुठ मारने के बाद मै किचेन में गया और देखा की करिश्मा ने खाना बना लिया और खाने के टेबल पर खाना भी लगा चुकी है. हम दोनों ने एक साथ खाना खाया और खाना खाते समय करिश्मा ने कहा , भाई आब कोई भी बहाना नहीं चले गा तूम खाना खाके आपने रूम में जाओ मै बाकि काम करके तुम्हारी कमरे मे आती हु कहानी शुनने के लिए. मैने भी शिर हिला दिया और कहा, ठीक है.

खाना खाने के बाद मै कमरे में चला गया और सबसे हॉट indian sex stories का किताब पड़ने के लिए निकाला जिसमे एक भाई आपने बहन को सेक्स करना सिखाता है. किताब को मैने तकिये के निचे रख दिया. कुछ देर बाद करिश्मा मेरे कमरे में आई. मैने देखा की करिश्मा ने सिर्फ बिकनी पहने हुए थी. जैसा हमलोग हॉलीवुड में हॉट गर्ल्स को पहने हुए देखते है. उसको देखते ही मेरा शांत लंड मे फिर से जोश आने लगा और मेरा लंड खड़ा होने लगा. मैने कहा करिश्मा तुम यहाँ क्या पहनी हो तो उसने कहा, भईया आज गर्मी बहुत है इसलिए यहाँ पहनी हु. इसके बाद मैने कुछ भी नहीं बोला और वह मैरे पास आ के बेठ गई कहानी सुनने के लिए. मैने कहा, करिश्मा मै जो कहानी सुनाने वाला हु क्या तुम वहा सुनना चाहो गी. करिश्मा ने कहा, भईया तुम जो कहानी रात को पड़ते हो मुझे वही कहानी ही सुन्नी है और कोईभी कहानी नहीं . मैने कहा , ठीक है. तब सबसे पहले तुम उस ताकियो को उठाओ, उसके निचे एक किताब मैने रखा है. जो मै रात को पड़ता हु. किताब को देखने के बाद यदि तुब कहानी को सुनना चाहती हो तो तब ही मै तुम्हे कहानी सुनाऊ गा. तकिया उठाते ही करिश्मा ने देखा की एक indian sex stories का किताब हे जिसमे भाई और बहन की चुदाई की कहानी है. करिश्मा ने कहा, भईया क्या तुम इन्ही कहानिओ को रात के वक्त पड़ते हो. मैने कहा, हां करिश्मा इसलिए मै तुम्हे कहानी नहीं शुनाना चाहता था.

करिश्मा ने कहा , भईया मैने कभी भी indian sex stories की कहानी नहीं सुनी है. पर भाई मै इसका मतलब जानती हु की इस तरह की कहानी में Antarvasna या Chudai की जानकारी मिलती है. भाई मुझे कहानी सुनाओ भाई और बहन की चुदाई की जो होगा देखा जाएगा क्युकी मै बड़ी हो चुकी हु मेरा उम्र 19 साल हे और मुझे सब कुछ जानने का अधिकार है. करिश्मा के कहने पर मैने कहानी पड़ना आरम्भ किया. कहानी में एक भाई आपने बहन को kiss करना और लंड को बुर अर्थात चूत में डालना, लंड को चुसना, चूत में जीभ डालके चोदना सिखाता है. कहानी इतना हॉट था की मेरा लंड तन के खड़ा हो गया और मै आपने बहन को चोदने के नजर से देखने लगा. पर उसका एक इशारा मुझे चाहिए थ. करिश्मा कहानी को बहुत ही ध्यान से सुन रही थी. और मेरा ध्यान करिश्मा के मस्त आधी नंगी बदन पर था. करिश्मा की चुचिओ और छाती की साइज़ पहले की तुलना में काफी बढ़ गया था. और शास लेने की प्रक्रिया तेजी होने लगी थी, मुझे मालूम हो गया था की करिश्मा गरम होने लगी है. आचानक मैने कहा, करिश्मा क्या तुम्हे कहानी आच्छी नहीं लग रही है तो उसने कापते हुए कहा, मुझे बहुत आच्छा लग रहा है. उसके आखो में एक नासा सा छा गया था.

कहानी ख़तम होने के बाद. मैने देखा की करिश्मा एक दम से होश खो बेठी है और वह एक हाथ से आपने चूत को सहलाने लगी और दुसरे हाथ से आपने चुचिओ को दबाने लगी. और उसने दोनों आखे बंद करी हुई थी. मै करिश्मा को ही देखता रहा और मुझसे बर्दास्त भी नहीं हो रहा था. मैने धीरे से उठ कर करिश्मा के होठो को आपने होठो से चुसना सुरु किया. करिश्मा ने भी मुझे जकर् के कहने लगी , भईया मुझसे आब बर्दास्त नहीं हो रहा है. मैरे बदन के आग को आपने लंड के रस से बुझा दो. यहाँ कह के करिश्मा ने मेरे लंड को आपने हाथ से पकड़ के मसलने लगी. मैने भी करिश्मा के बची हुई आधी कपडे भी उतार दिया. करिश्मा आब पूरी तरह से नंगी थी और बहुत ही कुब सूरत एक सेक्सी औरत की तरह लग रही थी. मैने भी आपने सारे कपडे उतार दिए और नंगा हो गया. करिश्मा अभी भी आखे बंद करी हुई थी. मैने करिश्मा से कहा, करिश्मा तुम आखे खोल सकती हो ओर सारे पल का मजा भी ले सकती हो. करिश्मा ने कहा , भईया मै तब तक आखे नहीं खोलूंगी जबतक की मुझे खोलने का जरुरत ना परे . तुम्हे जो करना है करो. यहाँ कहके वह सीधे लेट गई. उसके बड़े-बड़े चूची , चिकना चूत, सेक्सी कमर, चूत में हलकी-हलकी काले बाल भी थे.

सबसे पहले मैने करिश्मा के चुचिओ के निप्पल को चाटना आरम्भ किया. जब भी मै उसके निप्पल को चाटता था उसका बदन तरपफ उठता था. निप्पल को चाटने के बाद मैने चुचिओ को चुसना शुरू किया तो वह आहा,आहा, की आवाजे निकाल ने लगी. क्या मस्त आवाजे करिश्मा का निकल रहा था. मुझे और भी जोस आ रहा था. मैने जोर-जोर से करिश्मा के चुचिओ को चूसता रहा और हाथो से दबाता रहा. मै इतने जोर से चुचिओ को चूस ओर दबा रहा था की वह दर्द के मारे जोर-जोर से चिल्लाने लगी आहा,आहा,छोरो भाई दर्द हो राहा है. उसकी चिल्लाने का आवाज सुनकर मै कुछ देर के लिए रुक गया और उसके चूत को आपने हाथ से धीरे-धीरे सहलाने लगा ताकि करिश्मा को कुछ आराम मिल सके. चूत को सहलाते-सहलाते मैने अंगुली को चूत में घुसाना आरम्भ किया. उसे बहुत मजा आ रहा था. आचानक करिश्मा ने आखे खोली और कहने लगी, भईया आपने लंड को मेरे बुर में डाल दो मुझसे और बर्दास्त नहीं हो रहा है. मैने भी आपने लोहे जैसे सक्त मोटा लंड को करिश्मा के चूत अर्थात बुर पर रख दिया और चूत पर घसना सुरु किया. उसने मैरा लंड पकड़ा और अपने चूत के छेद में घुसाके मुझे धक्का देने को कहा. मैने भी धक्का देंने लगा.

हम दोनों indian sex stories के कहानी भाई ,बहन की चुदाई की तरह ही सेक्स करने लगे. करिश्मा इस तरह से antarvasna मे खो गई थी की उसे किसी भी तरह का दर्द का कोई भी अहसास नहीं था. उसके चूत मेसे खून निकला जा रहा था पर वह मुझे चोदने के लिए कहे ही जा रही थी. उसके चूत में मेरा 6 से 7 इंच का लंड पूरा घुसा हुआ था. जब भी में धक्का मारना बंद कर देता तो करिश्मा खुद ही गाड़ उठा के धक्का मारने लगती थी. एसा लगरह था की मै उसे नहीं वह मुझे ही चोद रही है. लगभग 1 घंटे बाद हम दोनों झर गए और मैने आपना पूरा माल करिश्मा के चूत मेही छोर दिया और करिश्मा का चूत मैरे माल से पूरा भर गया. झरने के बाद हम दोनों एक दुसरे के होठो को चुमते और चूसते रहे. उस दिन मैने करिश्मा को चोद कर पूरी तरह से औरत बना दिया. आब लगभग रोज जब भी हमें टाइम मिलता है हाम दोनों मिल कर indian sex stories पड़ते है और indian sex stories पड़ते हुए चुदाई भी करते है.


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