बॅंक क्लर्क को पटा कर चोदा

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सभी दोस्तों को ऱौनित का नमस्कार, मैं आपको अपनी रियल सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, जो आपको बहुत पसंद आएगी, मेरी नौकरी नागपुर में एक कॅशियर पोस्ट पे लगी थी, मैं अभी बस 24 साल का था और बहुत खुश था की मुझे नौकरी मिल गयी. सेक्स जोड़ी सेक्स स्टोरी हिन्दी

पर दोस्तों, जब मैं नागपुर गया तो पाया की मुझको शहर में नही बल्कि नागपुर के देहात में नौकरी मिली थी, यहाँ सब कुछ ग्रामीण था, उपर से सभी 10 वर्कर बहुत बुड्ढे बुड्ढे थे.
उनके साथ काम करने में बिल्कुल मज़ा नही आता था, क्योंकी वो सब बुड्ढे हमेशा बड़े सीरीयस रहते थे, कभी ग़लती से भी हसी मज़ाक नही करते थे, 2 महीने नौकरी के बीते तो मुझे लगा की मैं यहाँ 10 साल से काम कर रहा हूँ.
नौकरी मिलने के वक्त मैं जितना खुश था, वो खुशी सब छु मंतर हो गयी, पर दोस्तों, नौकरी तो नौकरी होती है, जब आप नौकर बन गए तो आपकी मर्ज़ी तो चलती नही है, यही सोचके मैं मन बेमन से नौकरी करने लगा.
कुछ 4 महीने बाद मुझे बॅंक का काम दे दिया गया जो सबी के बॅंक के ब्रांच में कॅश जमा करना चेक लाना लेजाने का काम दिया गया जहाँ एक मस्त लड़की दीपिका थी, उसको देखते ही मेरे तो मानो भाग ही जाग गए दोस्तों, हर जवान लड़का चाहता है की काश ऑफीस में अगर उसके साथ कोई मस्त लौंडिया काम करे, जिस दिन मैं पहली बार दीपिका को देखा तो पूरे दिन उसी के बारे में सोचता रह गया.
लक की बात उसके ब्रांच में और कोई जवान लड़का था नही, मैं डेली 2 बार बॅंक जाता था तो 1 वीक में ही हम दोनो की खूब पटने लगी, अब जाकर मुझे उस नागपुर ऑफीस मे काम करने में मज़ा आ रहा था, मैने सोच लिया था किसी भी तरह दीपिका को पटा लूँगा, तो चूत का इंतज़ाम भी हो जाएगा, पर दीपिका बड़े सभ्या घाराने से थी.
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आज कल की शहर की चुदक्कड लड़कियो जैसे नही थी, जिसको 2 4 बार घूमाओ और चोद लो, पर मैने भी हार नही मानी, और दोस्तों 4 महीने की मेहनत के बाद आख़िर मैने दीपिका को पटा ही लिया, मैं तो उसे कबसे चोदने को बेक़रार था, पर कैसे कहता की मैं तुमको चोदने पेलने के लिए ही पटा रहा हूँ.
फिर मैं एक दिन ऐसे ही अचानक दीपिका से कहा
ओये दीपिका!! आज डोगी? मैने उसे एक दिन पूछ लिया हिम्मत करके
फिर उसने कहा पहले मुझसे शादी करो!! तभी कुछ मिलेगा
धत तेरी की! लौंडिया तो बड़ी चालू निकल गयी.
उसपे मैने कहा मैं बहुत ग़रीब हूँ, अभी 2 3 साल तो मैं अपने घर वालों को पैसा दूँगा, अपनी एक जवान बहन की शादी करूँगा, फिर तुमसे शादी करूँगा, पर दीपिका मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, चाहे जो भी हो जाए, मैं तुमसे ही शादी करूँगा!! मैने दीपिका की आँखों में देखते हुए आत्मविश्वास से कहा और उसका हाथ चूम लिया.
मैं एमरान हाशमी को अपना आदर्श मानता हू तो मैं इस चालू आइटम से फ्लर्ट कर रहा था, जिस तरह एमरान हाशमी तरह तरह की बातें बनाकर लौडियो की चूत की सील खोल देता है, उसी तरह मैं दीपिका को लाइन दे रहा था.
ओके जानू!! , उसको पूरा विश्वास हो चला की मैं उससे सच्चा प्यार करता हूँ, मैं जान गया की अब लौंडिया मुझे चूत देगी.
शाम में मेरे कमरे पर आओ ! वो बोली
दोस्तों, मेरी तो जैसे लॉटरी निकल पड़ी, दिल हुआ की अपने सभी दोस्तों को फ़ोन या व्ट्सॅप करके बता दू की आज करीब 1 साल बाद एक नई चूत का इंतज़ाम हो गया है, पर फिर सोचा की ज़्यादा खुश होना उचित नही है, क्या पता मामला बिगड़ जाए.
शाम 5 बजे हम दोनो की छुट्टी हो गयी, चलते वक्त दीपिका ने मुझे आँख मारी, तो मैं समझ गया की मामला सेट है, आज इसकी चूत मिल जाएगी, शाम को मैं जब घर गया तो मैने दाढ़ी बनाईं.
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साथ ही अपनी झाँटे भी आछे से बनाई, गर्म पानी से नाहया, न्यू धुले सॉफ कपड़े पहने और फॉग का पर्फ्यूम लगाया, मैं ऋतिक रोशन जैसा चमक रहा था, मैने अपनी बाइक स्टार्ट की और दीपिका के घर जा पंहुचा, सीधा उसके कमरे में चला गया.
वो किराए के मकान में रहती थी, दीपिका ने मुझे देखा तो मुस्कुरा दी, उसने दरवाजा आछे से बंद कर दिया, दीपिका ने लाल रंग की एक मस्त मैक्सी पहन रखी थी, जैसे ही मैने उसको पकड़ना चाहा वो पीछे 2 कदम हट गयी, पर मैं भी लपक के उसको पकड़ लिया, वो शर्म से पानी पानी हो गयी.
लाल मैक्सी में उसके बड़े बड़े नारियल जैसे गोल गोल माम्मो को मैं ताड़ने लगा, हम दोनो सोफा पर आ गए, शुरू में कुछ हल चल हुआ, फिर हम वासना के अधीन हो गए.
मैने बिना वक्त बर्बाद किए उसके स्ट्रॉबेरी जैसे गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिया और उसके आधारों का रसपान करने लगा, दीपिका का शायद किसी लड़के से ये प्रथम चुंबन था.
वो शर्म कर रही थी और भागने का प्रयास कर रही थी, पर दोस्तों उसकी एक ना चली, मैने उसको सोफे पर लिटा दिया और खुद भी उसके उपर लेट गया, मैने उसके दोनों हाथों को कसके पकड़ रखा था, जिससे वो मेरा विरोध ना कर सके.
मैं आँखे खोलकर उसके खूबसूरत होंठों का रसपान कर रहा था, जबकि उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी, उसके सासों की महक मेरी नाक में जा रही थी, कुछ देर बाद हम दोनों गर्म होने लगे और चुदास और चोदन की और अग्रसर होने लगे, मेरा हाथ स्वतः उसके उरजों पर चले गए.
मैं कब दीपिका के मस्त रसीले मम्मो को सहलाने और दबाने लगा मुझे भी नही पता लगा, दीपिका ने मेरी उम्र की थी, वो भी 24 25 की थी, और मेरी तरह ही वो भी नई नई जवान माल बनी थी.
वो भी मेरी तरह चुदासी थी, इसलिए उसने मेरी किसी भी हरकत का विरोध ना किया, मैं धीरे धीरे उसके मम्मे सहलाता और दबाता चला गया, अपनी तरफ से वो पूरा सहयोग कर रही थी.
मेरा एक हाथ दीपिका की मॅक्सी में नीचे पैर के पास चला गया, मैने यूही उसकी मॅक्सी हल्की सी उपर उठाई दोस्तों, मुझपे तो बिजली ही गिर गयी, इतनी सुंदर मुलायम और चिकने पैर लड़कियों के होते है ये मुझको आज मालूम पड़ा.
1 जोड़ी सुंदर पाँव और उनकी गोल मटोल 10 उंगलियाँ, मेरा तो माता ही घूम गया, मैने सबकुछ छोड़ के दीपिका के खूबसूरत पाओं को चूम लिया, उसकी मैक्सी मैने और उपर उठा दी, उसकी टांगे बड़ी ही चिकनी चमकदार और गोरी थी.
मैने उसकी दोनों टाँगों को बारी बारी कई बार चूमा, दीपिका मुझे रोकने लगी, मैं चूत का भूखा कहाँ रुकने वाला था, मैने उसका लाल मैक्सी घुटने तक उठा दी, दीपिका के होश उड़ गए.
वो शर्म हया से मरी जा रही थी. दीपिका! इतनी हया करोगी तो कैसे चुदवाओन्गि?? मैने उसके कान में फुसफुसाकर कामुक अंदाज में कहा, बड़ी मुश्किल से उसने अपने दोनों हाथ हटाए और मुझे घुटने तक पहुचने दिया.
उसके घुटने भी दूधिया गोरे रंग के थे, मैने कुछ देर उसके रूप को निहारा और फिर दोनों घुटनों को चूम लिया, दीपिका की चूत की खुशबू मेरी नाक के नातूनों में आने लगी, जब टांगे, पैर इतने खूबसूरत है तो इन सब अंगों की रानी दीपिका की चूत कैसी होगी?? मैं मन ही मन सोचने लगा.
फिर मैने उसकी लाल मैक्सी को घुटनों के उपर तक उठा दिया, दीपिका जैसी मस्त माल की गदराई जाँघो के दर्शन हुए तो लगा की खुदा मिलने वाला है, उसकी जांघे खूब गोल गोल मांसल गदराई हुई थी, सफेद बादल जैसी गोरी जांघे सी इस माल दीपिका की, मैं पिछले 1 साल से दीपिका को पूरे कपड़ों में ही देखा था, कभी सोचा नहीं था की वो अंदर से इतनी गजब की माल होगी.
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दोस्तों, मैं 15 मिनट तक उसकी गोरी मस्त जाँघो का सेवन किया, सब चूमा चाटा, आख़िर मैने दीपिका की लाल मैक्सी को कमरे से उपर उठा दिया, उसने गुलाबी रंग की डिजाइन वाली पैंटी पहन रखी थी, जिस पर मिकी माउस जैसे कार्टून बने हुए थे.
मैने तुरंत उसकी पैंटी में अपनी दोनों हाथों की उंगलियाँ फसाई और नीचे खींच दी, अचानक से परदा हट गया और जिस चीज़ को देखने को मैं बेताब था, और मरा जा रहा था आख़िर वो चीज़ मिल गयी.
दीपिका जैसी मस्त माल की चूत के दर्शन हो गए, फिर उसने कहा नही रौनित !! आज नही, फिर कभी कर लेना !! नही रौनित आज नही !! दीपिका दोनो हाथों से अपनी बुर को छिपाने लगी, पर मैं चंडाल कहाँ सुनने वाला था.
मैने खिच कर उसकी पैंटी निकाल दी, दीपिका के भोसड़े को मैं पीने लगा, जिस छोटी सी चूत को देखने के लिए मैं बेक़रार था, आज वो मेरे सामने थी, मैने दीपिका की एक नही सुनी और उसकी कमर को मैं मजबूती से पकड़ लिया और उसकी बुर पीने लगा.
दोस्तों, दीपिका कुँवारी थी और बिल्कुल फ्रेश माल थी, उसने शायद पिछली रात ही अपनी झाँटे बनाईं होंगी, क्यूंकी उसकी चूत बड़ी चिकनी चमेली जैसी थी, मैं चाह कर भी अपनी नज़रे उसकी चूत से नही हटा पा रहा था.
मैं तो बिलकुल मरा जा रहा था और अपनी जीभ लपलपाकर उसकी बुर पी रहा था, दीपिका आ आहा मान ओह मान !! मान चिल्ला रही थी, मैने उसकी एक नही सुनी उसकी बुर पिता रहा, मेरा लॉडा तो जैसे क़ुतुब मीनार जैसा सीधा खड़ा हो गया था.
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मैने करीब 20 मिनट तो बस दीपिका की नशीली चूत का सेवन किया और आँखे बंद करके पिता रहा. फ्रेंड्स, उसके बाद मैने अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया, मैने अपनी शॅंडो बनियान भी निकाल दी, उधर मैने दीपिका की लाल मैक्सी भी निकाल दी.
उसकी ब्रा भी निकाल दी, उसकी पैंटी तो मैं बहुत पहले ही निकाल चूका था, दीपिका अब इतनी गर्म हो गयी थी की उसका बदन जल रहा था. दीपिका बेबी!! तुमको बुखार है क्या ?? मैने पूछा नही हर लड़की का बदन इसी तरह जलने लग जाता है जब वो चुदासी हो जाती है !! दीपिका ने धीरे से कहा, अब जाकर मैं समझ पाया.
अब दीपिका ने विरोध करना बंद कर दिया था, क्यूंकी कहीं ना कहीं वो भी मेरा लॅंड खाना चाहती थी, मैने उसकी दोनों गदराई दूधिया टाँगों को खोल दिया, दीपिका की चिकनी चमेली कमर के ऊपर आ गयी और मेरे सामने आ गयी.
अब मुझको और सुनहरा मौका मिल गया, मैं मस्ती से हापर हापर करके उसकी बुर का सेवन करने लगा, दीपिका गर्म गर्म आहे भरने लगी, ओह मान !! ओह मान करके गर्म सिसकारी लेने लगी, मैने आँख मूंद कर उसकी बुर पिता गया.
कुछ देर बाद दीपिका की चूत नम हो गयी और बहने लगी, मैं जान गया की लौंडिया को चोदने का सही वक्त आ गया है, मैं अपने लॅंड पर 2 4 बार मूठ देकर लॅंड पर ताव दिया, मेरा लॅंड क़ुतुब मीनार जैसा सीधा और खड़ा हो गया, मैने लॉडा दीपिका के भोसड़े के दरवाजे पर लगा दिया और ज़ोर का धक्का मारा, लॅंड उसकी सील तोड़ते हुए अंदर घुस गया, वो बिन पानी की मछली जैसी छटपटाने लगी.
मैने एक धक्का और मारा और मेरा 8 इंच का मोटा लॅंड दीपिका की बुर की गहराई नापने लगा, उसको बहुत दर्द हो रहा था, मैं रुक गया और उसके मूह पर अपना मूह रख दिया, कुछ मिनट बाद मैने उसको पेलना शुरू किया, उसको दर्द होता रहा, पर मैं धीरे धीरे उसको पेलता रहा, आधे घंटे बाद उसका दर्द कुछ कम हुआ तो ज़ोर से दीपिका को चोदने लगा, कुछ देर बाद उसकी बुर का रास्ता खुल गया, उसकी चूत रवाँ हो गयी, अब मैं कमर मटका मटका के दीपिका की चूत मारने लगा.
दोस्तों, 20 25 मिनट तक मैने उसको चोदा और उसकी बुर में ही झड़ गया, दोनों ने करीब 1 घंटे तक आराम किया, मैने उसको सिने से लगा लिया. ‘रौनित !! आज तुमने चोद चोद के मुझको औरत बना दिया! दीपिका बोली, संडे को मैं फिर से दीपिका के घर पर था.
मैने कहा ‘ए दीपिका!! चूत दे ना! वो हँसने लगी, मैं उसे पकड़ लिया और दबोच लिया, फिर धीरे धीरे मैं उसका सलवार कमीज़ निकाल दिया, सनडे वाले दिन दीपिका घर में रहती थी और सलवार सूट पहनती थी.
मैने एक एक करके उसका सलवार सूट निकाल दिया, उसे नंगा कर लिया, दोस्तों, मैं तो मैं उसके मम्मे पिता रहा, फिर उनकी फुददी पर आ गया, लंबी सी चूत की फाँक मुझको दिखाई दी, मैने होंठ लगाकर दीपिका की चूत पीने लगा, अपनी खुदरी जीभ से दीपिका की नर्म चूत मैं पीने लगा, ये बहुत मजेदार था, दीपिका की फुददी [चूत] बहुत ही खूबसूरत थी, मैने जेब से फ़ोन निकाला और दीपिका की चूत की कई तस्वीर ले ली, बहुत सुंदर गुलाबी चूत थी दोस्तों.
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मैं मज़े से उसकी चूत पी रहा था, हल्का अदरक जैसा कसैला स्वाद था दीपिका के भोसड़े का. जिस चूत को मैं मारने के लिए कबसे बेचैन था, आज दूसरी बार वो चूत मेरे सामने थी.
मैं दीपिका के चूत के दाने को आछे से पी रहा था, उसके मूतने वाले छेद पर भी लगान से मैं जीभ घुमा घुमाके पी रहा था, जिससे उसे ज़्यादा से ज़्यादा यौन उतेज्जाना हो और वो कस के उछाल उछाल के चुदवाये, कुछ देर में दीपिका को बड़ी ज़ोर की चुदास लगी, उसका मुँह अपने आप खुल गया.
वो गर्म गर्म सिसकारी लेने लगी, मुँह से गर्म गर्म हवा छोड़ने लगी, मैं समझ गया की यही सही समय है इसको चोदने का, मैं तुरंत अपना बड़ा सा लॉडा दीपिका के लाल लाल भोसड़े में डाल दिया और उसको कूटने लगा, दीपिका मज़े लेने लगी, मैं भी मज़े मार मार कर उसे चोदने लगा.
दोस्तों, दीपिका की चूत बहुत गर्म थी, लग रहा था मैं किसी आग के कटोरे में लॉडा दे दिया हो, मैं ज़ोर ज़ोर से हचक हचक के उसे चोदने लगा, मेरे मोटे लॅंड की रगड़ से दीपका की चूत की दीवारें सफेद छिपचिपा मक्खन छोड़ने लगी जो मेरे लॅंड पर लगने लगा, इससे मेरा लॅंड आराम से उसकी चूत में फिसलने लगा, अब मैं सात सात करके उसे चोद रहा था.
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मैं नीचे देखा तो मेरा लॅंड उसकी चूत को आछे से मज़ा दे रहा था, मैने बड़ी देर तक दीपिका को नंगा करके चोदा, पर फिर भी नही छोड़ा, मैने लॅंड दीपिका की चूत से निकाल लिया और उसकी चूत में ऊँगली करने लगा, मेरे ज़ोर ज़ोर से चूत फेटने से दीपिका की मा चुद गयी, उसकी चूत में आग लग गयी, जैसे उसकी चूत में भूचाल आ गया, बवंडर उठ गया, दीपिका बड़ी उचाई तक अपनी कमर उठाने लगी.
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ये देख कर मुझे और ज़्यादा चुदास चढ़ गयी, और मैने अपनी हाथ की ऊँगली और भी ज़्यादा तेज तेज दीपका के भोसड़े में देने लगा और चूत फाड़ने लगा, अंदर उसकी चूत के अंदर उपर की और दीपका का जी स्पॉट था, मैं बार बार वो सहलाने लगा, ज़ोर ज़ोर से उसपर ऊँगली सहलाने लगा.
कुछ देर बाद दीपिका ने अपनी चूत से गर्म गर्म गाढ़ा सफेद मक्खन छोड़ दिया, मैं दीपिका के लाल भोसड़े पर मुँह रख दिया और सारा मख्खन पी गया, उसके बाद फिर मैने उसको 40 मिनिट चोदा.
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मोटा लौड़ा दिखा कर चूत में आग लगा दिया

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मेरा नाम समीरा है और मैं बंगलौर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 28 साल है और मैं शादीशुदा लड़की हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है और मेरा फिगर भी सेक्सी है | मेरे दूध 34 के हैं और मेरी कमर 32 है और मेरी गांड 36 है | आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं की मैं दिखने में कैसी हूँ गोरे रंग के साथ | मैं चुदाई की कहानियाँ बहुत ही शौख से पढ़ती हूँ और मुझे चुदाई की कहानियाँ पढना बहुत पसंद है इसलिए मैं रोज ही चुदाई की कहानियाँ पढ़ती हूँ | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा कहानी शुरू करती हूँ | Mota Lauda Dikha Kar Chut Mein Aag Laga Diya.
दोस्तों ये घटना तीन महीने पहले की है | मेरे पति नवल जो की एक HR कंपनी चलाते हैं | मेरे पति दिखने में काफी हेंडसम हैं और वो मुझसे 4 साल बड़े हैं | वो दिखने में सांवले हैं और उनकी कद काठी भी अच्छी है और वो मुझे बहुत प्यार करते हैं | मेरी शादी को अभी सिर्फ 2 साल ही हुए हैं इसलिए हमें अभी एक भी बच्चे की नहीं सोचे | दोस्तों हम किराये के घर में रहते थे और अभी तीन महीने पहले ही हमने एक 4 बी.एच.के. घर खरीदा हैं |
हम दोनों अकेले ही रहते हैं | एक दिन मेरे पति ने मुझसे कहा की चलो घर को अच्छे से पेंट करवा लेते हैं | तो मैंने भी उनसे सहमती जताई और कहा की हाँ आपका आईडिया अच्छा है | फिर मेरे पति ने किसी से बात की पेंट को ले कर | जिससे भी उन्होंने बात की वो ठेके लेता है और उसके पास कुछ लड़के हैं जो की काम संभालते हैं | अगले दिन सुबह डोर बेल बजी तो मैं दरवाजा खोलने गई तो देखा की सामने एक लम्बा चौड़ा आदमी एक दम गठीला बदन वाला खड़ा है | उसने मुझे नमस्ते किया और मैंने भी नमस्ते करते हुए पुछा कि आप कौन ?
तो उसने बताया की उसका नाम नीरज है और साहब ने पेंट के लिए मुझे बुलाया है | तो मैंने उससे ठीक है अन्दर आओ | फिर मैंने अपने पति को आवाज लगाईं की देखो वो पेंट वाले आये हैं | फिर मेरे पति आ गए और वो दोनों ऐसे ही नार्मल बात करने लगे | उसके बाद उसने माप लेने को कहा तो मैं और मेरे पति उसको हर कमरे को दिखाने लगे और वो भी टेप से माप लेता रहा और लिखता रहा | उसके बाद मेरे पति का फ़ोन आया जो की नीचे रखा हुआ था | वो लेने चले गए |
फिर मैं ही उस आदमी को रूम दिखाने ले गई और जब हम मेरे बेडरूम में पंहुचे तब मेरी नजर टेबल पर रखे कंडोम में गई | तब मुझे याद आया कि ये तो वही कंडोम है जो पति ने कल रात यूज़ करने के बाद टेबल पर रख दिया था | मैं जैसे ही उसे उठाने गई तो उससे पहले उस आदमी ने उठा लिया और हाँथ से उठा कर कहा कि ये बहुत छोटा साइज़ है | मैंने उससे कहा कि जो भी साइज़ हो तुम्हे कोई मतलब नहीं | यहाँ दो मुझे वो | जैसे ही मैंने उससे कंडोम लिया तो उसके चेहरे पर एक हवस भरी मुस्कान झलकी पर मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था की तभी मेरे पति आ गये और फिर मेरे पति ने कहा कि तुम कल से काम चालू कर दो | उसने भी कहा ठीक है साहब और वो दोनों बात करते हुए चले गए नीचे और उसके बाद मेरे पति भी कंपनी चले गए | फिर अगले दिन मेरे पति जब कंपनी गये तो दो आदमी आये और वो काम पे लग गए | “Mota Lauda Dikha Kar”
मैं भी उनका काम देखने लगी की सही से कर रहे हैं या नहीं और नीरज भी बीच बीच में आ कर देख जाया करता | एक दिन की बात है मेरे काम करने वाले नहीं आये | तो मैंने पति को फ़ोन कर के बताया की वो काम करने वाले नहीं आये हैं | तो उन्होंने कहा कि हाँ आज वो नहीं आयेंगे उसकी जगह नीरज काम करने को कहा है | तो मैंने कहा ठीक है | उस दिन मैंने बहुत सेक्सी गाउन पहने हुई थी और मुझे नहाने जाना था | जैसे ही मैंने फोन काटा तो तभी नीरज आ गया | “Mota Lauda Dikha Kar”
उस दिन उसकी नजर मेरे हर एक अंग का जायजा ले रही थी | वो मुझे ऊपर से नीचे तक एक टक देखने लगा तो मैंने उससे कहा की मुझे घूरना बंद करो और अपना काम करो | तो उसने कहा अरे मेमसाब काम तो होता ही रहेगा पहले आपके बदन का दीदार तो कर लूँ | मैंने चौंकते हुए पुछा क्या ? तो उसने कहा कुछ नहीं | फिर जब वो काम करने लगा तो मैं वहीँ खड़ी थी वो अपने कपडे बदल रहा था और मैं भी उसके कसरती शरीर को देख कर पानी पानी हुए जा रही थी |
जब उसने अपना पेंट उतारा तो उसकी फ्रेंची चड्डी में से उसका लंड बहुत फूला लग रहा था | अब मैं उत्तेजित होने लगी और सोचने लगी इसका लंड कैसा होगा और कितना बड़ा होगा | यही सोचते हुए मेरी चूत गीली हो गई | शायद उसने मुझे उसकी बॉडी को देखते हुए देख लिया तो उसने अपनी चड्डी उतार दी और मेरी नजर उसके लंड पर पड़ी जो की बहुत बड़ा और मोटा है | मैंने उसकी तरफ देखा और मुस्कुरा दिया | वो समझ गया कि मैं उससे चुदवाना चाहती हूँ | फिर मैंने उसके पास जा कर उसके लंड को हाँथ में ले कर हिलाने लगी और उसके होंठ को चूसने लगी | वो भी मेरे होंठ को चूसने लगा और मेरे दूध को दबाने लगा | “Mota Lauda Dikha Kar”
फिर मैं नीचे बैठ गई और उसके लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी तो उसके मुंह से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह की सिस्कारिया निकलने लगी | फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी तो वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह करते हुए मेरे मुंह को चोदने लगा | “Mota Lauda Dikha Kar”
उसके बाद उसने गाउन को उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया | अब वो मेरे दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा तो मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह करते हुए सिस्कारिया लेने लगी | फिर उसने मुझे वहीँ बेड पर लेटा दिया और मेरी चूत को चाटने लगा तो मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह करते हुए कसमसाने लगी |
वो मेरी चूत को चाटते हुए चूत के दाने को भी चूसने लगा तो मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह करते हुए मचलने लगी | उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत में घुसा कर चोदने लगा तो मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह करने लगी | “Mota Lauda Dikha Kar”
फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से चोदने लगा तो मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहह करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी | करीब उसने आधे घंटे तक खूब चोदा और फिर उसने मेरी चूत के ऊपर ही अपना माल छोड़ दिया | “Mota Lauda Dikha Kar”

मेरी बहन की कच्ची चूत

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हाय फ्रेंड्स माय नेम इस सोनू और में पुणे से हु. में आज आपको अपनी एकदम पहली सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हु. जो मेरे और मेरी सगी बहन अंकिता के बिच में हुई थी. मेरे घर में में, मेरी मम्मी, मेरे पापा, मेरी बड़ी बहन अंकिता और मेरी एक छोटी बहन रहते हे. मेरी माँ हॉउस वाइफ हे और मेरे पापा गवर्नमेंट बेंक में जॉब करते हे. में फेमिली में ज्यादा फ्रेंडली नहीं रहता हु.
में पहले से ही एकदम शर्मीला लड़का हु, मेरी हाईट ५ फुट ८ इंच हे, मेरा वजन ५१ किलो हे, मैने मेरे लंड का साइज़ कभी नापा नहीं हे पर मेरा लंड हर किसी को सेटीसफाय कर सकता हे यह में गेरंटी के साथ कह सकता हु.
अगर आप लोगो को मेरी यह कहानी पसंद आये तो आप लोग मुझे मेल कर सकते हो, पुणे में कोई भी आंटी, लड़की अगर मुज से चुदना चाहती हे तो प्लीज़ मुझे मेल करे, में प्रायवसी का पूरा पूरा ख्याल रखूंगा. अब आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए में सीधा आज की स्टोरी पर आता हु.
में बी.इ. में लास्ट इयर का स्टूडेंट हु और पुणे में एक हॉस्टल में रहता हु. हॉस्टल से सरे लड़के रम छोडके चले गये तो में अकेला ही रह गया था, तो मुझे कोई भी पार्टनर ना मिलने के कारण मैने भी हॉस्टल छोड़ दिया और गाँव चला गया.
गाव में ४-५ दिन रहने के बाद में वापस पुणे में आ गया था. मेरी सगी बहन अंकिता भी पुणे में ही जॉब करती हे एक प्रायवेट कंपनी में, उसकी उम्र २५ हे और वह अनमेरिड हे और मेरी उमर २४ साल की हे. तो मेरे घर वालो ने हमे एक ही रम में रहने को बोल दिया.
हम ने एक वन रम किचन का घर देख लिया, टॉयलेट बाथरूम अटेच्ड था, मेरे बहन की फिगर ३२-२८-३० है और एकदम गोरा रंग हे, जब चलती हे तो उसकी गांड इधर उधर हिलती हे जिसे देख के किसी का भी लंड खड़ा हो जाये.
रम में रहने लगे तो हम लोग एक दुसरे के बहोत क्लोज रहने लगे, और हम लोग काफी सारी बाते शेयर करते थे, सोने के वक्त वह टी शर्ट और नाईट पेंट पहन कर सोती थी, हम लोग निचे ही सोते थे और हमारा अलग अलग बिस्तर था. मुझे तो पहले से ही मेरी बहन को चोदने का मन था, जब वह नहाने चली जाती तब में उसके ब्रा और पेंटी को सूंघता था और मुठ भी मार लेता था.
एक दिन रात के २ बजे में पानी पिने के लिए उठ गया और तब मेरी बहन गहरी नींद में थी. मुझे तो नींद नही आ रही थी उसका टी शर्ट ऊपर उसके पेट तक आया हुआ था और उसका पेट पूरा दिखाई दे रहा था, में देखकर हेरान हो गया, में धीरे से जाकर उसके पास में सो गया और वह पूरी नींद में थी.
मैने हिम्मत कर के उसके बूब्स के ऊपर एक हाथ डाल दिया और धीरे धीरे बूब्स को दबाने लगा, वह सोयी हुई थी तो मेरा होसला और बढ़ गया मैने धीरे से एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा.
मैने इस से पहले कभी किसी लड़की को चोदा नहीं था तो मुझे बहोत मजा आ रहा था, मेरा लंड एकदम टाईट हो गया था, मैने लंड को बहन के गांड पे रखा और धीरे धीरे से रगड़ने लगा.
अचानक बहन की नींद खुल गई, में बहोत घबरा गया, वह उठी और मुज पर चिल्लाने लगी, मेरी हालत बहोत ख़राब हो गयी थी.
थोड़ी देर में मैने सोच लिया की ऐसे भी बहन को पता चल गया हे और अब रुकने का क्या फायदा? में बहन के पास गया और उसको मनाने लगा.. मैने उसकी कमर को पकड लिया और उसके ओठो पर किस करने लगा.
५ मिनिट तक उसे किस करता रहा और वह ठंडी पड़ गई, मैने उसका टी शर्ट निकाल दिया और अब वह वाईट स्लिप में थी, और स्लिप के अंदर ब्लेक कलर की ब्रा थी.
वह एकदम माल लग रही थी, मैने मेरी नाईट पेंट उतार दी और उसको सिर्फ ब्रा और पेंटी में देखता रहा, वह भी मेरा साथ देने लगी, उसकी चूत पर घने बाल थे, उसकी चूत ब्लेक कलर की थी और अभी तक एकदम वर्जिन थी, मैने चूत में हाथ डाल दिया तो वह अहः हह्ह्ह्ह अह्ह्ह अम्म्म आह्ह्ह मम्मम उऔऊ येस्स्स्स अहह्ह्ह येस्स्स्स औऔऔउ करने लगी मुझे भी बहोत मजा आने लगा था.
हम दोनों एकदम नंगे हो गये थे में उसकी चूत को सहला रहा था और बूब्स को चूस रहा था, उसके बूब्स एकदम कडक हो गये थे और चूत अंदर से गीली हो गयी थी, बहन भी बड़े जोश में मेरा साथ देने लगी थी, मैने लंड निकाल कर उसके हाथ में दे दिया.
वह आगे पीछे करने लगी और फिर उसने लंड मुह में ले लिया पर पहली बार कर रही थी तो उसको वह पसंद नहीं आया और उसने मुह से लंड को बहार निकाल दिया. मैने लंड को हाथ में लेकर चूत के पास सेट किया और जोर से ज़टका दिया, आधा लंड अन्दर किया और वह आह्ह्ह बस करो बोलने लगी.
मैने एक और ज़टका दिया तो लंड पूरा अंदर चला गया और वह चिल्ला रही थी, वह सिलपेक होने के कारण खून निकलने लगा और वह घबरा गई, मैने उसे समजाया, हम पूरी रात भर चुदाई कर रहे थे और मैने ३ शॉट मारे, सुबह ६ बजे उठने के बाद और एक शॉट हो गया, हमने कंडोम के बिना किया था तो उसको एक i पिल लाकर दे दी.
दुसरे दिन बहन एकदम थक चुकी थी और उसने मुझे हाथ भी लगाने नही दिया. उसकी चूत में दर्द हो रहा था, उसके अगले दिन उसे पीरियड आ गये, और हमने पीरियड में भी चुदाई के मजे ले लिए.
अब हम लोग रूम पे जाकर नंगे ही रहते हे और खूब मस्ती भी करते हे, रात को साथ में ही सोते हे और सेक्स का पूरा पूरा मजा लेते हे, घर में ही सेक्स मिल जाने की वजह से हम काफी खुश थे.
अब हम लोग रूम में रोज पति पत्नी की तरह चुदाई का मजा लेते थे.
जब हम घर पर जाते हे और जब घर पर कोई नही होता तो हम वहा भी चुदाई करते हे, मेरे ज़ट के बाल वह साफ करती हे और में उसके चूत के बाल साफ करता हु.
में उकसे ब्रा और पेंटी खुद शोपिंग कर के ले आता हु, चार महीने बाद मेरी पढाई पूरी होने पर हम घर जाने वाले हे, एक दुसरे की शादी होने के बाद भी हम ने चुदाई करने का प्लान किया हे.
कहानी पढने के बाद अपने विचार आप निचे कमेन्ट बोक्स में जरुर लिखे, और आपके लिए कहानियो का दोर उही चलता रहे.
दोस्तों यह मेरी पहली स्टोरी हे जो सच में हुई एक सच्ची घटना हे, अगर कोई गलती हुई हो तो माफ़ कर देना और इस कहानी में यदि आपको कुछ जूठ लगता हे तो आप मेल पर मुझे कोंटेक्ट कर सकते हे में आपको ट्रिक्स बता सकता हु यदि आपको अपनी बहन को या किसी लड़की को चुदवाना हे तो आप मुझे कभी भी मेल कीजिये और में आपकी सेवा के लिए हमेशा हाजिर हु.

मेरे चुत का उद्घाटन समारोह

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जबसे मेरी दीदी गीता मेहरा के ज़रिये मुझे इस वेबसाइट का पता चला, मैंने उनकी बताई साईट खोली। जब कहानियाँ पढ़ी तो लोगों की बिस्तर की बातें इसमें देख मेरी तो चूत गीली हो गई थी। मैं भी अपनी जिन्दगी का पहला सेक्स आपके सामने लाकर शुरुआत करने जा रही हूँ, उम्मीद से दुनिया कायम है, मुझे आशा है कि मेरी यह चुदाई जल्द ही आप सबके सामने अन्तर्वासना के ज़रिये आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। hindisexstories
मेरा नाम वैशाली, ५ फुट ५ इंच कद, गुन्दाज़ बदन, गोरे-चिट्टे मखमल जैसे वक्ष ! मै बारहवीं जमात की छात्रा हूँ। पहले हम एक संयुक्त परिवार में रहते थे, चाचू-चाची, बुआजी, ताया-ताई, घर इतना बड़ा नहीं था, इसलिए मैं चुदाई के लाइव सीन देख देख बड़ी हुई।
एक दिन चाचू-चाची अकेले थे। मैं तबीयत ठीक न होने की वजह से पहले घर आ गई। चाचू के कमरे से सिसकी की आवाज़ सुन मैं पिछली खिड़की की ओर बढ़ी। मैं जब मॉम-डैड के बीच सोती थी तो कई बार डैड को मॉम पर सवार होते देखा था, लेकिन अच्छी तरह से नहीं देख पाई। आज मौका था, अन्दर चाचू बेड के किनारे बैठे थे नंगे, चाची फर्श पर घुटनों के बल बैठी चाचू के लौड़े को मजे ले ले कर चूस रहीं थी। फिर चाची बिस्तर पर आई। नंगी चाची को चाचू ने लिटा अपना लौड़ा चाची की चूत में घुसा दिया। यह देख मेरी पैंटी भी गीली हो गई।
फिर डैड ने शहर में आकर अपना बढ़िया मकान बनाया और हम शहर आकर बस गए। गाँव में पंजाबी मीडियम से सातवीं जमात तक पढ़ी, वो एक कन्या-विद्यालय था। यहाँ आकर मैंने एक प्राइवेट और अंग्रेजी मीडियम लड़के-लड़कियों के स्कूल में मैंने आठवीं में दाखला लिया और मेरी सहेलियां भी बन गई। हमारा चार लड़कियों का ग्रुप बन गया। श्वेता, मरियम, नूरी और मैं !
उनका अभी से लड़कों में ध्यान था, नूरी का तो अफेअर भी चल निकला था। हमारे ग्रुप की चर्चा चालू लड़कियों में होती थी। अब मेरी जवानी भी अंगड़ाई लेने लगी। सबमें से मेरी जवानी की बातें लड़कों में ज्यादा होने लगी। सब जब घर से निकलती तो लड़कों की निगाहें मेरी छातियों पर रहने लगी। देख देख मुझे मजा आने लगा। तभी मुझे मेरे ही स्कूल में पढ़ने वाले अमृत नाम के एक लड़के ने मुझे परपोज़ किया। उसको मैंने कोई जवाब नहीं दिया।
जब मैं स्कूल से घर जाती तो मेरे पीछे होंडा सिटी कार में एक दूसरा लड़का आने लगा हर रोज़ सुबह और स्कूल के बाद ! बहुत हैण्डसम था, बड़े घर का लड़का था। उसने मुझे एक दो बार कार पास लाकर अपना मोबाइल नंबर दिया, मेरे साथ नूरी भी रहती थी, उसने नंबर पकड़ के रख लिया और मुझे कहने लगी- पटा ले मेरी जान ! और क्या चाहिए !
मैंने कहा- जो अमृत ने परपोज़ किया उसका क्या?
उसको स्कूल तक सीमित रख !
मैंने नूरी से नंबर लिया, दोनों पास की एस.टी.डी पर गई और कॉल की। उसने अपना नाम करण बताया और मुझे कहा- मैं आप पर फ़िदा हूँ प्लीज़ !
मैंने उसको हाँ कर दी।
वो बोला- मैं इसी मार्केट में ही हूँ ! चलिए मैं आपको घर छोड़ देता हूँ, प्लीज़ मना मत करना ! मुड़ कर देखो !
मैंने केबिन से देखा, उसने हाथ हिलाया। नूरी का घर पास था, वो पैदल चली गई। मैं उसकी कार में बैठ गई। कुछ देर ऐसे ही घूमते रहे। उसने मेरा हाथ पकड़ा- आप बहुत सेक्सी हो, बहुत सुन्दर हो !
उसने हाथ पर किस किया- आई लव यू सो मच !
मैंने कहा- आई लव यू टू !
उसने पास खींचते हुए मेरे होंठों पे किस कर दी, मुझे करंट सा लगा। उसने कार साइड पर कर मेरे होंठ चूसने शुरु किये।
मैंने कहा- प्लीज़ छोड़ो न !
वो बोला- कितने दिन से आपके इन होंठों का रसपान करने का दिल था ! आप कहती हैं छोड़ो !
मुझे भी कुछ होने सा लगा- मैं भी लिप-किस में उसका साथ देने लगी। पता ही नहीं चला कब उसका हाथ मेरी शर्ट में घुसता हुआ मेरे मम्मों तक पहुँच गया। उसने सीट पीछे कर दी और मेरे ऊपर बैठ गया। एक हाथ उसने मेरी स्कर्ट में डाल मेरी जांघें सहलाने लगा। मैं इतनी गरम हो गई कि सब भूल गई। बस दोनों जवानी के जोश में एक दूसरे में खोने लगे।उसने बटन खोल मेरा मम्मा ब्रा से निकाल लिया और उसको मसलने लगा। मुझे तब होश आया जब मैंने उसका हाथ अपनी पैंटी पर महसूस किया। एकदम से अलग होकर हांफने लगी। वो बोला- क्या हुआ?
प्लीज़ ! हम सड़क पर हैं, कोई पकड़ लेगा तो आफत आ जायेगी !
बोला- इसको तो छोड़ो !
एकदम से मैं चौंक गई, मेरा हाथ उसके लौड़े पर था। मैं शरमा सी गई। उसने कहा- कोई नहीं आयेगा ! इतनी कड़ी गर्मी में कौन आएगा !
फिर भी उसने मुझे घर छोड़ दिया। बाथरूम में जाकर अपनी पैंटी देखी जो गीली हो गई थी। अपने मम्मे पर जब उसके दांत का निशान देखा तो मुझे अजीब सी हलचल हुई। उसके बाद कुछ दिन ऐसे ही कार में मिलते रहे। घूमने के बहाने चूमा-चाटी चलती रही।
एक रोज़ जब मैंने शाम को उसको कॉल किया। उसने कहा- आज ट्यूशन मिस कर दो, एअरपोर्ट रोड की तरफ घूमने जायेंगे। वहां सुनसान सी एक सड़क है।
मैंने कहा- ठीक है ! मुझे पिक कर लो ! ए एन टी ए आर वी ए एस एन ए .सी ओ एम
हम निकल पड़े। वहां एक रेस्तराँ था, बिलकुल एअरपोर्ट के कार्नर पर था, वहां कई लोग अपनी अपनी कार में ही बैठे थे। आज वो अपनी बड़ी कार लाया था। उसने पार्किंग की बजाये वो साथ वाली खाली सड़क पर कार मोड़ ली और रेस्तराँ के पीछे ले गया। वहीं वेटर आया। उसने अपने लिए चिल्ड बियर ली, मैंने कोल्ड काफी आर्डर की।
उसने मुझे बाँहों में लिया। अब तो हम दोनों घुल मिल चुके थे, उसने फोर्ड एंडवर की सीट फ्लैट की। लग्ज़री कार किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं थी। मैंने उसका साथ देते हुए खुद ही उसके होंठ चूसने शुरु किये। वो मेरे मम्मों को बेरहमी से मगर मजा आने वाले अंदाज़ में मसल रहा था। मैं गरम होने लगी और उसने मेरा टॉप उतार दिया। मैंने अपनी ब्रा की स्ट्रिप खोल दी जिससे मेरे दोनों कबूतर आज़ाद हो गए। उसने उड़ते कबूतर पकड़ने में वक्त न लगाया और टूट पड़ा मुझे पर। मैं भी पूरी गर्म हो चुकी थी, मैं लगातार उसके लौड़े को मसल रही थी। उसने मेरी जींस खोल कर घुटनों तक सरका दी और आज खुल कर मेरी जांघें सहलाने लगा।
उसने स्पोर्ट्स ड्रेस डाली थी, मैंने भी लोअर खींच के नीचे करके उसके लौड़े को हाथ में पकड़ लिया, पहली बार इतना खुलकर पकड़ा था। मेरे हाथ लगते ही फनफ़ना उठा उसका लौड़ा ! इतने में वेटर आया। उसने कहा- खुद पी ले और बिल ले जाना ! वेटर बोला- जी साहिब !
स्टार्ट कार, ए.सी ओन किया हुआ था, फिल्मिंग वाले शीशे थे, उसने सीट पूरी फ्लैट कर दी, बिस्तर सा बन गया। खींच कर मेरी जींस उतार दी और अपना लौड़ा मेरे होंठों पर रगड़ने लगा। मैंने झट से उसके लौरे को मुँह में डाल लिया और अच्छी तरह चूसने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसने थोड़ा चुसवाने के बाद मुझे पीछे लिटाते हुए बीच में बैठ अपना लौड़ा मेरी सील बंद चूत पे रखा। एक बार सोचा कि पता नहीं कैसे यह घुसेगा?
कार के आस पास दूर तक कोई न दिख रहा था। उसने मुझे पूरी नंगी कर दिया था खुद नीचे घुटनों तक ! मैंने सोचा- चल वैशाली ! आज तेरी लाडो रानी का उदघाटन समारोह कैसा रहेगा ? !
उसने झटका दिया और लौड़े का सर मेरी चूत में फंस गया। उसको भी तकलीफ हो रही थी। मैंने कस के सीट के कपड़े को पकड़ रखा था। उसने दूसरे झटके में आधा लौड़ा अन्दर डाल दिया। मेरी जान निकल गई- निकाल लो प्लीज़ ! यहाँ अच्छे से नहीं होगा ! जगह कम है, बहुत तकलीफ होगी ! दोनों का ही पहली बार है। लेकिन उसने तीसरा ऐसा झटका मारा कि लौड़ा पूरा घुस गया। मेरी चीख निकल गई। खून टपकने लगा ! आँखों में आंसू आ गए !
उसने मेरे होंठ अपने होंठो में ले रखे थे ताकि चीख न निकले। उसने फिर सारा निकाल के डाला ऐसे तीन चार बार जब किया तो दर्द की जगह मजे ने ले ली। आंखें खुद ब खुद बंद होने लगीं। उसके एक एक झटके का मुझे इतना मजा आया कि सिसकारी ले ले कर मैं चुदवाने लगी- हाय और करो ! और करो !
अचानक मुझे अपने अन्दर से कुछ गरम गरम सा पानी महसूस हुआ, मैं झड़ गई और मेरी चूत की गर्मी में तीन चार मिनट बाद ही करण भी झड़ गया। दोनों हांफने लगे। उसने कार में पड़ा एक कपड़ा मुझे दिया, जिससे मैंने अपनी चूत को साफ़ कर लिया, खून साफ़ किया !
दोनों ने कपड़े पहन लिए और सामान्य होकर एक दूसरे की बाँहों में लिपट गए। उसने मेरे होंठ चूमते हुए कहा- कैसा लगा?
बहुत अच्छा लगा !
सुबह उठने पर चूत पर सूजन सी थी, चलने में थोड़ी सी अजीब लग रही थी। नूरी इन कामों में से कई बार निकली थी, उसने मुझसे सब कुछ बकवा लिया। अन्तर्वासना पर इसके छपते ही मैं अपनी करण के अलावा किसी से चुदवाई लेकर सबके लौड़ों पर बैठने आऊँगी।

सेक्स की भूखी आंटी की रसीली चुत

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में अमन,, रांची से हु और मेरा ७ इंच का लंड हे काला हे पर अन्दर पूरा पिंक… मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती थी. जिनका नाम परोमिता था. एकदम टाइट माल थी वो. गांड ३६ की थी एकदम फूली हुई और चुचिया ३४ के ब्लाउज से बहार आते हुए..
उसे देख किसी के भी लंड में पानी आ जाए ऐसा माल थी वो.
मेरी उससे मुलाकात एक रात हुई. जब वो कही से आ रही थी. में उस वक्त मेरी गाड़ी से आ रहा था और वह मुजे रस्ते पर चलती मिल गयी. तो मैने उन्हें पूछा की आप मेरे साथ घर पर चलोगी और वो एकदम रंडियों वाली स्माइल दे कर बेठ भी गई.
बाते सुरु हुई और में ठहरा हरामी किसम का मर्द ब्रेकर पे जोर जोर से ब्रेक लगा के में उनको मुज पर चिपकने पर मजबूर कर रहा था और उनकी नरम चूचो के मजे भी ले रहा था.
उनका घर आ गया और रस्ते में मुझे यह पता चला की वह एक आर्मी वाले की बीवी हे. और बचे नही हे. इस से मुझे अंदाज हो गया मुझे की साली सेक्स की भूखी होगी रांड.
रात को उनके नाम से मुठ मारा. और में उस दिन से उस पर मेरी नजर रखने लगा और वह जब भी मुझे देखती तब में हमेशा स्माइल देता था.
एक दिन हिमत करके उसके घर गया उस दिन सन्डे था. उन्होंने दरवाजा खोला साली माल लग रही थी. में तो उसे दो मिनिट तक आँखे फाड़ फाड़ के देखता ही रह गया
उसने उस समय पर टाइट पिंक नाईटी पहनी हुई थी और उसके बूब्स तो और बूब्स तो जेसे की अभी बहार ही आ जांएगे. मेने अपने होठो को सेक्सी तरीके से चाटा.
उसने मुझे अन्दर बुलाया तो में अंदर जा के बैठ गया और उसके साथ में नोर्मल बात कर रहा था. मेरे पेंट में अब मारा सोया हुआ शैतान जाग रहा था.
साली अब मुझसे रहा नही गया. तो में उठा और किचन में जा कर उसकी गांड पे एक थप्पड़ मार दिया. और बोला आंटी आय लव यु.
अब वह एकदम चकित कर देने वाला जवाब देकर बोली बेटा नजर तो मेरी तुझ पे कब से थी. मुझे तेरे जैसा ही मर्द चाहिए था.
आज रात किटी पार्टी हे. आ जाना सब मेरे जेसी प्यासी औरते होंगी.
मेने कहा अभी कुछ तो दे दो बेबी. उसने बोला तड़प मेरे राजा टाइम आने पे सब मिलेंगा.
मुझसे रहा नही गया. मेने उसके गांड से नाईटी उठा कर गांड दबाने लगा. वो कहरा रही थी आआ हाहाहा हरामी आग लगी हे साले और मुझे नंगा कर दिया. मेरे कपडे जंगली कुत्तिया की तरह फाड़ दिये.
और बोली चल शाम का ट्रेलर दिखाती हु. और मुझे कुत्ते के पटे से बाँध दिया.
और वह मुझे गले से खीचते हुई टॉयलेट में ले गयी. कपबर्ड में मुह खुलवा कर चूत पे पाइप लगा कर मुतने लगी. उम्म और बोली पि हरामजादे आज से तू मेरा कुत्ता बन गया हे. अब से तू मुझे शांत करेगा.
मेरे मुह पे गांड डाल कर बैठ गई. और गांड को दबाने लगी. मुझे मजा आ रहा था. बड़े गांड के बीच में गांड में जीभ डाल कर चाट रहा था.
फिर उसने मेरी गांड पे बेल्ट से मारना सुरु किया. और में भीख मांग रहा था. मालकिन छोड़ दो.
मुझे मजा भी बहुत आ रहा था मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की वह मेरे साथ ऐसा कुछ भी कर सकती हे. वह मुझे बोली बोली मेरी चूत की आग बुझा दे मेरे पालतू कुत्ते. फिर उसने मेरे लंड पर थूक दिया और उसे चाटने लगी और उसने उसकी चूत को मेंरे मुह में घुसेड दिया.
उसकी चूत की खुशबू बहुत लाजवाब थी और उसकी चूत बहुत टाइट थी मैंने उसकी चूत को चूसा और उस पर मेरे दांत से काट लिया.
और वह साली आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह कर के मेरे हर काटने को एंजॉय कर रही थी. और फिर वह बोली मेरे राजा मेरी चुदाई इससे अच्छी कही नहीं हो सकती और फिर वह मेरे लंड को तब तक चूसती रही जब तक मेरे लंड से पानी उसका मुंह भर ना गया और मैने उसके मुह में मेरा माल छोड़ दिया.
और फिर वह मेरे लंड को चूसने लगी और फिर उसने मेरे लंड पर बैठ गयी और वह उसकी चूत को मेरे मुह पर घिसने लगी फिर उसने उसका सारा माल मेरे मुंह में डाल दिया और साथ में वह मेरे मुंह में मूत भी गई साली रंडी. मगर मैने उस रंडी के चूत का एक रस का बूंद भी नहीं छोड़ा, सब चाट लिया.
अब उस साली की भूख बहुत बढ़ गई थी. वह मुझे बोली आ जा मेरे राजा आज अपनी चूत की तुज को सेर कराती हु. एक तरह से मैं अभी अपनी वर्जिन हूं क्योंकि मेरे पति के डर से कोई चोदता ही नहीं मुझे.
फिर वह मेरे ऊपर चढ़ गई और अपनी भारी गांड के साथ वह अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ने लगी उम्म्म्म अहहह अह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह वाह क्या सेक्सी फिलिंग थी यार और में उसकी चूची को पकड़ कर दबा रहा था. और फिर वह बोली चल मेरे टॉमी चल अपनी मालकिन की चूत को इतना चोद के मेरी चूत तेरे लंड से प्यार कर बैठे.
मैंने चूत में थूक लगाया, लंड को हीलाया और एक झटके में डालने की कोशिश की पर सच में चूत टाइट थी या मेरा लंड बड़ा था. और लंड घुसने के बाद साली को मजा आने लगा, और वह मुझे बोली, मेरे कुत्ते टॉमी मालकिन की मखमली चूत को फाड़ दे.
और फिर मैं धीरे धीरे से चूत को फेरने और फिर एक जोर से धक्का मारा पर मेरा और अहहह अह्ह्ह मेरा पूरा लंड मालकिन कि नरम नरम चूत में घुस गया. वह चिल्ला गई जैसे की उसका चूत फट गया हो. और फिर वह मुझे बोली मेरे राजा तू मेरा शेर कुत्ता है.
मैं और जोश में आ गया. और मैने साली को कहा मेरी मालकिन कूदो मेरे लंड पे आज सारा मजा ले ही लो मेरी कुत्तिया.
यह सुनकर वह जोश में आ गई और मेरे लंड पर कूदने लगी मेरा लंड टाइट हो गया और मैं तो जैसे जन्नत में था.
वह बोली राजा चोद डाल इस चूत को आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह ओह्ह अहह उम्म्म बहुत मजा आ रहा है.
अब आंटी का मूड चेंज हुआ और वह एकदम से मालकिन बन गई और मुझे बोली जो बोलती हूं वह तुम करो
उसने बोला चल अब मेरे पैर चाट, मैंने बोला सच में? उस ने मुझे थप्पड़ मारा और बोला चाट मादरचोद. मैं भी उसके पैर चाट रहा था उससे बहुत मजा आ रहा था वह आह्ह अह्ह्ह अहहह अच्छे से चाट आह्ह अह्ह्ह. फिर उसने बोला चल अब मेरा टॉप उतार और मेरे बूब्स को चुस डाल पूरा. मैंने उसका टॉप और ब्रा उतारा और उसके बूब्स को १५ मिनट तक चूसता रहा. रिया आह्ह अह्ह्ह ओह्ह और जोर से चूस खाजा मेरा पूरा ऐसा बोल रही थी. फिर उसने मुझे फिर से मारा और बोली गांडू दूध ही पीता रहेगा के चोदेगा भी.
मैंने बोला रंडी तुझे पटक पटक कर चोदूंगा आज. फिर मैंने उसके नवल पर किस किया और उसको लीक करने लगा. रिया तो जैसे पागल होती जा रही थी फिर मैंने उसकी पूरी बॉडी पर किस किया. फिर मैंने उसकी जींस पर हाथ डालने की कोशिश की तो बोली अभी नहीं, अभी तो तेरा लौड़ा चूसना है मेरे को. फिर मैं उसको चुसाया. कसम से क्या मजा आ रहा था उसने ५ मिनट तक मेरा लंड चूसा. और मैंने बोला अब तो उतार डू तेरी जींस?
फिर वह बोली उतार उतार. फिर मैंने जैसे ही उतारी उसकी जींस. और में उसकी पैंटी भी उतार रहा था. फिर उसने मुझे मारा और बोली भोसडीके के सीधा चूत? पहले मेरी जांघे तो चाट दे अच्छे से.. फिर मैं उसकी जांघ को लीक करने लग गया. ५ मिनट तक उस की सिसकिया चालू रही और वह बोली आज तो मजा आ रहा है रे लौड़े तेरे से चुदवाने में. फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी उस ने कुछ नहीं कहा.
फिर मैंने उसकी चूत चाटना चालू कर दिया मैंने ३-४ मिनट चाटता रहा. उसके बाद मैं कंडोम पहनने लगा तो वह बोली अबे छोड़ उसको ऐसे ही चोद दे मुझे मैं अब नहीं रुक सकती, कुत्ते जल्दी कर.
फिर मैंने भी सोचा ऐसे ही चोद डालता हूं. फिर मैंने ऐसे ही अपना लंड उसकी चूत पर रखा और में धीरे धीरे डाल रहा था. वह बोली जोर से फिर मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से धक्के मारने लगा. मैंने बोला ले रंडी ओर से. और वह आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह ओह्ह आह्ह उम्म्म्म दर्द दे रहा हे धीरे कर बोलने लगी. फिर मैंने बोला मादरचोद ऐसे ही चोदुंगा और जोर से चोदने लगा.
५ मिनट तक उसको चोदता रहा ऐसे ही. फिर उसको बोला चल अब ऊपर आ मेरे और मेरे लंड पर चूत रख और मेरा पूरा लंड उसके अंदर चला गया. और फिर इसी तरह उसको चोद रहा था, इतने में वह जड चुकी थी. और मैं भी बस उसकी चूत के अंदर ही जड गया.
फिर मैंने उसको एक स्मूच किया. फिर वह बोली अब मेरी आखरी बात मान ले. तो मैंने बोला बोल जान बोल मेरी रंडी क्या? तो वह बोली चल अब मेरी मूत पी. मैंने सोचा फिर मैं बोला ठीक है फिर उसकी चूत के पास बैठा. वह मेरे चेहरे पर मूत दी और मैं पूरा चेहरा उसकी मूत से भर गया था. मैंने मुह खोला और उसकी मूत पी.
मैंने बोला चल रंडी तैयार हो जा मुझे भी मूत आ रही है.
अब वह बैठ गई और उसके ऊपर में मूतना चालू किया. वह मेरा लंड चूस भी रही थी. मैने उसके ऊपर पूरा मूत दिया और मूत उसके बूब्स पे भी आ गयी थी. और मैने उसके मुह में भी मूत पिलाया. फिर हम लोग बात रूम गये और दोनों नहाये वहा पे.

शादी से पहले ससुर ने चोदा क्यों और कैसे जानिए

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मैं हूँ नेहा। मैं उन्नीस साल की हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। ये कहानी बहुत अहम् है मेरे लिए और आपके लिए इस कहानी में मैं बताउंगी की आखिर क्या हुआ था। उस दिन जो मैं अपने होने वाले ससुर से चुदवाना पड़ा। शायद मेरे लिए अच्छा था। पर कभी सोचती हूँ नहीं ये मेरे लिए बुरा है। क्यों की अब तो शेर के मुँह में खून लगा चुकी हूँ। और हो सकता है आने वाले समय में भी मेरी चुदाई करे मेरा ससुर। ये तो बाद में ही पता चलेगा क्यों की शादी के अभी सात दिन ही हुए है मैं गोवा में हूँ हनीमून मनाने के लिए। पर जब वापस जाउंगी तो पता नहीं दो दो बिस्तर गरम करना पड़े।
आज तो मैं आपको उस दिन की कहानी सुनाने जा रहूं। दोस्तों मैं एक लड़के से प्यार करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी। मेरे घर वाले इस शादी के खिलाफ थे तो मैं लड़के से बात की और भागकर दिल्ली आ गई यानी सब कुछ छोड़छाड़ कर। जा दिल्ली आई तो किसी को भी मेरे बारे में पता नहीं था की मैं कहा हूँ। क्यों की मैं दिल्ली आकर उस लड़के से नहीं मिली। क्यों की मुझे पहले से पता था अगर मैं पहले मिलती तो मेरे घर वाले को लगता की मैं उसी के पास गई हु। इसलिए मैं सात दिन तक एक होटल में रुक गई। वह अकेली ही रही। मेरे घर वाले ढूंढ़ते ढूंढ़ते दिल्ली भी आ गए। पर जब वो उस लड़के से मिले तो पता चला मैं उसके साथ नहीं हूँ।
तो सब लोगो वापस लौट गए। अब मैं अपने होने वाले पति राजीव को फ़ोन की कि मैं सबकुछ छोड़कर आ गई हूँ। तुमसे शादी करने के लिए। दोस्तों राजीव काफी आमिर है और मैं रही एक शिक्षक की बेटी। राजीव का दिल्ली में चार चार मकान है एक कार का शोरूम है। वो भी मुझसे बहुत प्यार करता है। मैं तो ये समझ कर शादी की ताकि मेरी ज़िंदगी सेट हो जाये भले इसके लिए कुछ भी कीमत चुकानी पड़े।
दोस्तों जब मैं राजीव से फ़ोन पर बात की तो वो बोला शादी मैं अपने पापा की पसंद से ही करूंगा। मेरे तो तलवे के निचे से जमीं खिसक गई। मैं परेशान हो गई की अब क्या होगा। उसी रात को राजीव दो दिन के लिए चीन चला गया व्यापार के सिलसिले में। मैं अब परेशां होने लगी अब मेरा क्या होगा। तो मैं दूसरे दिन राजीव के पापा को फ़ोन की। और उनको सारी बात बताई। राजीव ने मेरे बारे में पहले ही उनको बता दिया था की मैं होटल में ठहरी हूँ।
वो बोले मैं अपने बेटे की शादी ऐसे जगह करूंगा जो लड़की हॉट हो और खुले विचार की हो। तो मैं बोली हॉट हूँ मैं और खुले विचार की हूँ अगर आप मुझे अपनाएंगे तो आपके भी तौर तरीके सिख जायेंगे। तो वो बोले हॉट हो या नहीं मुझे कैसे पता। मैं जानता हूँ राजीव तुमसे बहोत प्यार करता है और शादी भी करना चाहता है पर ये सब मेरे ऊपर है वो मेरे ऊपर छोड़ दिया है की मैं जो करूँ उसको मंजूर होगा इसलिए वो दो दिन के लिए विदेश चला गया है।
अगर तुम चाहती हो तुम्हारी शादी राजीव से करवाऊं तो मेरी भी कुछ शर्त है। दोस्तों मैं तो कोई भी शर्त को मानने के लिए तैयार थी। मैं बोली आप आ जाइये होटल में जो भी आपकी शर्त है बात करते हैं। वो अपने ऑफिस का काम ख़तम करने मुझे फ़ोन किया की मैं आठ बजे तक आऊंगा तुम तब तक अपना होटल खाली कर कनाट प्लेस का एक फाइव स्टार का एड्रेस और बुकिंग दे दिए बोले तुम वह जाकर रुको। क्यों की मैं पहले पहाड़गंज में थी जहा छोटे से होटल में रह रही थी। मैंने वैसा ही किया और पहिच गई आधे घंटे में।
वो आठ बजे आये। कमरे में ही शराब मंगाए। उन्होंने मुझे भी ऑफर किया पर मैं नहीं पि। फिर वो बात करने लगे। दिल्ली मेरी भी पत्नी नहीं है। मैं सप्ताह में एक दिन ऐसे ही होते में आता हूँ और कॉल गर्ल को बुलाकर अपनी जिस्म की गर्मी को शांत करता हूँ। अगर तुम मुझे महीने में भी एक दिन दोगी चोदने तो मुझे इस शादी से कोई एतराज नहीं है। अब आप खुद ही सोचिये मैं क्या कहती मैं चाहती थी अच्छी ज़िंदगी जीना। और शहर में रहना। तो मैं बोली उनको मैं तो आपकी बहु बनने वाली हूँ तो कोई ससुर ऐसा कर सकता है ? तो वो बोले तो ठीक है ससुर किसी और को बना लेना और तुम लौट लाओ वापस।
मैं सोची कुछ दिन की तो बात है यानी महीने में एक दिन फिर मैं अपना चाल चलूंगी और इसका गांड फाड़ूंगी। ऐसे सोचकर मैं हां बोल दी अभी मुझे सिर्फ राजीव को पाना था। पर वो बोले अब मैं तुमसे पहले ही बोल चुका हूँ की मैं हॉट लड़की से राजीव की शादी करवाउंगी। तो मैं बोली आप मुझे देख लो हॉट हूँ। तो वो बोले ऐसे मुझे नहीं पता चलेगा। तुम्हे सारे कपडे उतारने पड़ेंगे ताकि में देख सकूँ तुम कितनी हॉट हो।
दोस्तों मैं अपने कपडे उतार दी और नंगी हो गई। वो मेरे करीब आ गए और मेरी चूचियों से खेलने लगे मुझे उलट कर पलट कर देखने लगे और फिर चूमने लगे। मैं भी मना नहीं की मुझे पता था आज क्या होगा। पर मैं सोच रही थी ये करना जरुरी है नहीं तो शायद मेरी शादी टूट जाएगी। उन्होंने मेरे जिस्म के साथ खेलना शुरू कर दिया। और मेरी चूचियां पिने लगे। छूट चाटने लगे। वो मेरे होठ को चूसने लगे।
मैं भी धीरे धीरे करके उनके हाथों की कठपुतली हो गई। मैं भी मजे ले लेना चाहती थी। और मैं भी उनको अपनी आगोश में ले। मैं भी उनके लौड़े को पकड़ कर चूसने लगी। उनके छाती को सहलाने लगी। और उनके जिस्म के साथ खेलने लगी। अब मुझे वो अपनी बाहों में भर लिए और चूचियां मसलने लगे. मैं अब कामुक हो चुकी थी। मेरे बदन में चुदाई का जहर फ़ैल चुका था अब मैं लौड़ा अपने चूत में चाह रही थी।
उन्होंने मेरे टांगो को अपने कंधे पर रखा। और मेरी चूत पर लौड़ा लगाया और उन्होने जोर से धक्का मारा उनका पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा गया। मैं पहले से भी चुदी थी तो ज्यादा दर्द नहीं हुआ था और मजे लेने लगी। चुदवाने लगी गांड उठा उठा कर। और फिर मैं खुद हावी हो गई। अब वो मुझे नहीं चोद रहे थे अब मैं उनको चोद रही थी। वो निचे थे मैं ऊपर थी और जोर जोर से अपना गांड पटक रही थी उनके लंड पर। उनके होठ को को चूस रही थी। और गांड पटक रही थी उनका लौड़ा मेरी चूत में सप सप जा रहा था। पुरे कमरे में सिर्फ मेरी ही आवाज निकल रही थी। वो तो अपने लंड सँभालने में लगे थे कही टूट नहीं जाये।
दोस्तों उनका लौड़ा कई बार मुड़ते मुड़ते बचा। पर मैं काफी ज्यादा सेक्सी हो गई थी। और जोर जोर से चोदे जा रही थी उनको। अचानक वो झड़ गए। और मैं अभी भी शांत नहीं हुई थी। और मैं अपना नाख़ून भी उनके पीठ पर गड़ा दी। उनके होठ चूस लिए चूचियां मुँह पर रगड़ दी।
दोस्तों वो बोले इतना अग्रेसिव मत होना राजीव तुमको खुश कर सकता है मैं तो पचपन साल का हो गया हूँ मुझे तो बस एक महीने में आराम से दे देना। मैं भी उनके हां में हां मिलाई। और फिर दोनों खाना खाने होटल में ही चले गए। खाना खाकर वो मेरे साथ ही सोये और रात भर बात किये। चुदाई के बाद वो काफी बदल गए थे ऐसा लग रहा था उनका एक मन था चुदाई के पहले चोदने का और पूरा हो गया। शादी के लिए भी हाँ कर दिया था उसी रात को। और चौथे दिन ही मेरी शादी हो गई।
अब मैं दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पोस्ट करने वाली हूँ तब तक के लिए धन्यवाद.

मूवी हॉल में क्लासमेट को चोदा

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हेलो मित्रानो मेरा नाम करन हे और मेरी उमर २० साल की हे. मेरे लंड का साइज़ ६ इंच हे और में पंजाब से हु. और में इस साईट पर नया हु तो मुझसे कोई गलती हो जाये तो प्लीज़ मुझे माफ़ कर देना. और अब में आज की स्टोरी पर आता हु. यह बात एप्रिल मंथ की हे और तब में एमबीए फर्स्ट इयर कर रहा था, और में रोज रोज मुठ मार मार कर एकदम तंग आ चूका था. मुझे सेक्स करने का बहोत मन करता था पर मुझे कोई लड़की नही मिल रही थी जिसे पकड के में उसके चूत में अपने लंड को शांत कर सकू.
फिर अमारे कोलेज में एक नयी लड़की ने एडमिशन लिया. उसके पापा का ट्रांसफर होने की वजह से वह हमारे कोलेज में आयी थी. और मित्रो वह एकदम सेक्स बोम्ब थी. कोई भी उसे एक बार देख ले वह उसे नंगी इमेजिन करने लगता. उसका नाम शुब्रा था और उसके फिगर का साइज़ ३४-३०-३६ था. और अब आप इमेजिन कर लो की कितनी सेक्सी होगी वह.. उसने BBA फर्स्ट इयर में एडमिशन लिया हुआ था. सभी लड़के उसे पटाने के पीछे पड़े हुए थे पर वह किसी को भी भाव देती नही थी.
फिर हम थोड़े ही दिनों में दोस्त बन गये क्योंकि वह मेरे आगे वाले बेंच पर ही बेंच के ऊपर बेठती थी इसीलिए हम लोग बहोत जल्दी फ्रेंड बन गये थे और हमारे नंबर एक दुसरे के पास चले गए. में बोलने में बहोत हु अच्छा हु उसिलिये हमारी बात बहोत जल्दी आगे बढ़ने लगी थी और ऐसे ही कुछ दिन बीत गये और हम फ्रेंड से बेस्ट फ्रेंड बन गये. में पढने में अच्छा हु इसीलिए उसको जब भी जरूरत होती तब वह मेरे पास ही आती थी. और हम लोग जब भी फ्री होते तब खूब बाते भी करते थे. हम लोग साथ में ही लंच करते और पढ़ाई भी साथ में ही करते थे.
मैने उसे एक दिन पूछा की में तुम्हे एक सवाल पुछु तो उसने कहा की हां. मेंने उसे पूछा की क्या तुम पोर्न मुविस में इंटरेस्ट रखती हो .. थोड़ी देर चुप रहने के बाद वह बोली के उसमें तो कोण नहीं इंटरेस्ट रखता? में घर पर फ्री टाइम में देख लेती हु. उस के मुह से ये सुनके मुझे मेरा सपना पूरा होता नजर आ रहा था. फिर हम ऐसे ही सेक्स रिलेटेड बाते करते थे. फिर मैने ऐसे ही उसकी ब्रा का साइज़ पुछ लिया और उसने मेरे लंड का साइज़ पूछ लिया. और मेरे लंड का साइज़ सुनते ही उसके मुह पर एक हलकी सी स्माइल आ गयी थी.
फीर ऐसे ही फोन सेक्स चेट होने लगी. फिर कोलेज की तरफ से मूवी का प्लान बना. उसने पहले तो मना कर दिया पर वह उसके बाद रेडी हो गयी. मैने उसे पहले ही बोल दिया था की वह सलवार और कमीज पहन कर आये. और दोस्तों आप को क्या बताऊ क्या मस्त लग रही थी उसका रंग एकदम गोरा दूध सा सफ़ेद था और उस पर उसने काला सूट पहना हुआ था. सभी लड़के उसे ही देख रहे थे. फिर हम लोग सिनेमा ने पहुचे और वहा पर हमारे कोलेज के लिए पहले से ही एक होल बुक किया हुआ था. मेरी किस्मत अच्छी थी की उसको कोर्नर की सिट मिल गई और में उसके साथ जा के बेठ गया.
और फिर मूवी शुरू हो गयी और लाईट बंद हो गई. फिर मूवी को अभी आधा घंटा ही हुआ था, और मैने उसके हाथ पे हाथ रखा लेकिन उसने साइड कर दिया और वह मुझे आँखे दीखाने लगी. में कुछ बोल नहीं सकता था क्योंकि वहा पर हमारे कोलेज के लड़के बैठे हुए थे तो मेंने उसे मेसेज किया की सिर्फ हाथ पकड़ने दो .. और फिर उसने उसका हाथ वापिस वहां पर रख दिया और मैने उसका हाथ फटक से पकड लिया. . में तो गर्म करने में एकदम एक्सपर्ट था. . इसीलिए मुझे ज्यादा टाइम नहीं लगा और में उसके हाथ पे आपन हाथ घुमाने लगा.
वह थोडा रिलेक्स फिल कर रही थी .. लेकिन वह डर भी रही थी की कोई देख ना ले. फिर मैने उसकी गर्दन से पीछे ले जाकर एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया और उसके कान के पीछे सहलाने लगा जिससे वह गरम होने लगी थी. . मैने एक हाथ से मेसेज कर के उसे बोला की थोडा सा आगे हो जाओ, उसने वैसा ही किया. और में पीठ के पीछे से हाथ ले जाकर उसके बूब्स को टच करने लगा. और आज तो मेरी किस्मत खुल गयी थी और वह पल याद करता हु हो आज भी मेरा लंड खड़ा हो जाता हे.
में उसे हल्का हल्का दबाने लगा. और वह तो पहले से ही गरम हो चुकी थी .. मैने हाथ निकाल के बहार जा कर पोपकोर्न ले आया क्योंकि उसके साथ ट्रे भी देते थे, तो मैने वह ट्रे उसके आगे रख ली.. वह अब समज चुकी थी की में क्या करने वाला हु .. उसने ट्रे थोड़ी ऊपर उठा के रखी और मैने धीरे से उसका नाडा खोल दिया. और उसने अपनी गांड ऊपर उठा ली और मैने उसकी सलवार को जांघ से निचे कर दिया. मैने जब पेंटी के ऊपर हाथ रखा तो वहा पर थोडा गिला पण मुझे महसूस होने लगा.
फिर मैने धीरे से उसकी चूत के लिप्स को खोला और निचे उंगली ले जाकर उसके अंदर डालने लगा था.. मैने जब उसके पैर की तरफ देखा तो उसने आखे बंद करली थी. और फीर में धीरे धीरे मेरी उंगली अंदर बहार अंदर बहार करने लगा था.. उसके आह हह्ह्ह अहह अम्म्म अहह मम्म अहह मम उम्म्म की आवज मुझे सुनाई दे रही थी. उसने मुझे धीरे से कहा की करन अब रुकना नहीं करते रहो.. और जोर से करो .. में भी अब समज चूका था की ये जड़ने वाली हे. में और तेज तेज करने लगा और थोड़ी देर में वह जड़ गई. उसके फेस पे स्माइल साफ साफ दिख रही थी और फिर मैने धीरे से बोला की मेरा भी काम कर दो ना जानेमन और मैने ट्रे अपने ऊपर पकड़ी औए उसने मेरी पेंट की जिप खोल दी और मेरी अंडरवियर को पटक से निचे कर दिया.
तो वह उसे देख के हेरान हो गयी और वह खुश भी हो रही थी,.. क्योंकि यह लंड उसकी सिल तोड़ने वाला था .. फिर उसने ऊपर निचे करना शुरू कर दिया और एक दो बार उसने निचे जुक के अपने मुह में भर लिया .. में तो सातवे आसमान में था .. थोड़ी देर में उसके हाथ में जड़ गया और उसने मेरा सारा पानी पि लिया और फिर इंटरवल हो गया.. और फिर हम तो ऐसे कर रहे थे की जैसे कुछ हुआ ही ना हो..

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