शादी से पहले ससुर ने चोदा क्यों और कैसे जानिए

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मैं हूँ नेहा। मैं उन्नीस साल की हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। ये कहानी बहुत अहम् है मेरे लिए और आपके लिए इस कहानी में मैं बताउंगी की आखिर क्या हुआ था। उस दिन जो मैं अपने होने वाले ससुर से चुदवाना पड़ा। शायद मेरे लिए अच्छा था। पर कभी सोचती हूँ नहीं ये मेरे लिए बुरा है। क्यों की अब तो शेर के मुँह में खून लगा चुकी हूँ। और हो सकता है आने वाले समय में भी मेरी चुदाई करे मेरा ससुर। ये तो बाद में ही पता चलेगा क्यों की शादी के अभी सात दिन ही हुए है मैं गोवा में हूँ हनीमून मनाने के लिए। पर जब वापस जाउंगी तो पता नहीं दो दो बिस्तर गरम करना पड़े।
आज तो मैं आपको उस दिन की कहानी सुनाने जा रहूं। दोस्तों मैं एक लड़के से प्यार करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी। मेरे घर वाले इस शादी के खिलाफ थे तो मैं लड़के से बात की और भागकर दिल्ली आ गई यानी सब कुछ छोड़छाड़ कर। जा दिल्ली आई तो किसी को भी मेरे बारे में पता नहीं था की मैं कहा हूँ। क्यों की मैं दिल्ली आकर उस लड़के से नहीं मिली। क्यों की मुझे पहले से पता था अगर मैं पहले मिलती तो मेरे घर वाले को लगता की मैं उसी के पास गई हु। इसलिए मैं सात दिन तक एक होटल में रुक गई। वह अकेली ही रही। मेरे घर वाले ढूंढ़ते ढूंढ़ते दिल्ली भी आ गए। पर जब वो उस लड़के से मिले तो पता चला मैं उसके साथ नहीं हूँ।
तो सब लोगो वापस लौट गए। अब मैं अपने होने वाले पति राजीव को फ़ोन की कि मैं सबकुछ छोड़कर आ गई हूँ। तुमसे शादी करने के लिए। दोस्तों राजीव काफी आमिर है और मैं रही एक शिक्षक की बेटी। राजीव का दिल्ली में चार चार मकान है एक कार का शोरूम है। वो भी मुझसे बहुत प्यार करता है। मैं तो ये समझ कर शादी की ताकि मेरी ज़िंदगी सेट हो जाये भले इसके लिए कुछ भी कीमत चुकानी पड़े।
दोस्तों जब मैं राजीव से फ़ोन पर बात की तो वो बोला शादी मैं अपने पापा की पसंद से ही करूंगा। मेरे तो तलवे के निचे से जमीं खिसक गई। मैं परेशान हो गई की अब क्या होगा। उसी रात को राजीव दो दिन के लिए चीन चला गया व्यापार के सिलसिले में। मैं अब परेशां होने लगी अब मेरा क्या होगा। तो मैं दूसरे दिन राजीव के पापा को फ़ोन की। और उनको सारी बात बताई। राजीव ने मेरे बारे में पहले ही उनको बता दिया था की मैं होटल में ठहरी हूँ।
वो बोले मैं अपने बेटे की शादी ऐसे जगह करूंगा जो लड़की हॉट हो और खुले विचार की हो। तो मैं बोली हॉट हूँ मैं और खुले विचार की हूँ अगर आप मुझे अपनाएंगे तो आपके भी तौर तरीके सिख जायेंगे। तो वो बोले हॉट हो या नहीं मुझे कैसे पता। मैं जानता हूँ राजीव तुमसे बहोत प्यार करता है और शादी भी करना चाहता है पर ये सब मेरे ऊपर है वो मेरे ऊपर छोड़ दिया है की मैं जो करूँ उसको मंजूर होगा इसलिए वो दो दिन के लिए विदेश चला गया है।
अगर तुम चाहती हो तुम्हारी शादी राजीव से करवाऊं तो मेरी भी कुछ शर्त है। दोस्तों मैं तो कोई भी शर्त को मानने के लिए तैयार थी। मैं बोली आप आ जाइये होटल में जो भी आपकी शर्त है बात करते हैं। वो अपने ऑफिस का काम ख़तम करने मुझे फ़ोन किया की मैं आठ बजे तक आऊंगा तुम तब तक अपना होटल खाली कर कनाट प्लेस का एक फाइव स्टार का एड्रेस और बुकिंग दे दिए बोले तुम वह जाकर रुको। क्यों की मैं पहले पहाड़गंज में थी जहा छोटे से होटल में रह रही थी। मैंने वैसा ही किया और पहिच गई आधे घंटे में।
वो आठ बजे आये। कमरे में ही शराब मंगाए। उन्होंने मुझे भी ऑफर किया पर मैं नहीं पि। फिर वो बात करने लगे। दिल्ली मेरी भी पत्नी नहीं है। मैं सप्ताह में एक दिन ऐसे ही होते में आता हूँ और कॉल गर्ल को बुलाकर अपनी जिस्म की गर्मी को शांत करता हूँ। अगर तुम मुझे महीने में भी एक दिन दोगी चोदने तो मुझे इस शादी से कोई एतराज नहीं है। अब आप खुद ही सोचिये मैं क्या कहती मैं चाहती थी अच्छी ज़िंदगी जीना। और शहर में रहना। तो मैं बोली उनको मैं तो आपकी बहु बनने वाली हूँ तो कोई ससुर ऐसा कर सकता है ? तो वो बोले तो ठीक है ससुर किसी और को बना लेना और तुम लौट लाओ वापस।
मैं सोची कुछ दिन की तो बात है यानी महीने में एक दिन फिर मैं अपना चाल चलूंगी और इसका गांड फाड़ूंगी। ऐसे सोचकर मैं हां बोल दी अभी मुझे सिर्फ राजीव को पाना था। पर वो बोले अब मैं तुमसे पहले ही बोल चुका हूँ की मैं हॉट लड़की से राजीव की शादी करवाउंगी। तो मैं बोली आप मुझे देख लो हॉट हूँ। तो वो बोले ऐसे मुझे नहीं पता चलेगा। तुम्हे सारे कपडे उतारने पड़ेंगे ताकि में देख सकूँ तुम कितनी हॉट हो।
दोस्तों मैं अपने कपडे उतार दी और नंगी हो गई। वो मेरे करीब आ गए और मेरी चूचियों से खेलने लगे मुझे उलट कर पलट कर देखने लगे और फिर चूमने लगे। मैं भी मना नहीं की मुझे पता था आज क्या होगा। पर मैं सोच रही थी ये करना जरुरी है नहीं तो शायद मेरी शादी टूट जाएगी। उन्होंने मेरे जिस्म के साथ खेलना शुरू कर दिया। और मेरी चूचियां पिने लगे। छूट चाटने लगे। वो मेरे होठ को चूसने लगे।
मैं भी धीरे धीरे करके उनके हाथों की कठपुतली हो गई। मैं भी मजे ले लेना चाहती थी। और मैं भी उनको अपनी आगोश में ले। मैं भी उनके लौड़े को पकड़ कर चूसने लगी। उनके छाती को सहलाने लगी। और उनके जिस्म के साथ खेलने लगी। अब मुझे वो अपनी बाहों में भर लिए और चूचियां मसलने लगे. मैं अब कामुक हो चुकी थी। मेरे बदन में चुदाई का जहर फ़ैल चुका था अब मैं लौड़ा अपने चूत में चाह रही थी।
उन्होंने मेरे टांगो को अपने कंधे पर रखा। और मेरी चूत पर लौड़ा लगाया और उन्होने जोर से धक्का मारा उनका पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा गया। मैं पहले से भी चुदी थी तो ज्यादा दर्द नहीं हुआ था और मजे लेने लगी। चुदवाने लगी गांड उठा उठा कर। और फिर मैं खुद हावी हो गई। अब वो मुझे नहीं चोद रहे थे अब मैं उनको चोद रही थी। वो निचे थे मैं ऊपर थी और जोर जोर से अपना गांड पटक रही थी उनके लंड पर। उनके होठ को को चूस रही थी। और गांड पटक रही थी उनका लौड़ा मेरी चूत में सप सप जा रहा था। पुरे कमरे में सिर्फ मेरी ही आवाज निकल रही थी। वो तो अपने लंड सँभालने में लगे थे कही टूट नहीं जाये।
दोस्तों उनका लौड़ा कई बार मुड़ते मुड़ते बचा। पर मैं काफी ज्यादा सेक्सी हो गई थी। और जोर जोर से चोदे जा रही थी उनको। अचानक वो झड़ गए। और मैं अभी भी शांत नहीं हुई थी। और मैं अपना नाख़ून भी उनके पीठ पर गड़ा दी। उनके होठ चूस लिए चूचियां मुँह पर रगड़ दी।
दोस्तों वो बोले इतना अग्रेसिव मत होना राजीव तुमको खुश कर सकता है मैं तो पचपन साल का हो गया हूँ मुझे तो बस एक महीने में आराम से दे देना। मैं भी उनके हां में हां मिलाई। और फिर दोनों खाना खाने होटल में ही चले गए। खाना खाकर वो मेरे साथ ही सोये और रात भर बात किये। चुदाई के बाद वो काफी बदल गए थे ऐसा लग रहा था उनका एक मन था चुदाई के पहले चोदने का और पूरा हो गया। शादी के लिए भी हाँ कर दिया था उसी रात को। और चौथे दिन ही मेरी शादी हो गई।
अब मैं दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पोस्ट करने वाली हूँ तब तक के लिए धन्यवाद.

मूवी हॉल में क्लासमेट को चोदा

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हेलो मित्रानो मेरा नाम करन हे और मेरी उमर २० साल की हे. मेरे लंड का साइज़ ६ इंच हे और में पंजाब से हु. और में इस साईट पर नया हु तो मुझसे कोई गलती हो जाये तो प्लीज़ मुझे माफ़ कर देना. और अब में आज की स्टोरी पर आता हु. यह बात एप्रिल मंथ की हे और तब में एमबीए फर्स्ट इयर कर रहा था, और में रोज रोज मुठ मार मार कर एकदम तंग आ चूका था. मुझे सेक्स करने का बहोत मन करता था पर मुझे कोई लड़की नही मिल रही थी जिसे पकड के में उसके चूत में अपने लंड को शांत कर सकू.
फिर अमारे कोलेज में एक नयी लड़की ने एडमिशन लिया. उसके पापा का ट्रांसफर होने की वजह से वह हमारे कोलेज में आयी थी. और मित्रो वह एकदम सेक्स बोम्ब थी. कोई भी उसे एक बार देख ले वह उसे नंगी इमेजिन करने लगता. उसका नाम शुब्रा था और उसके फिगर का साइज़ ३४-३०-३६ था. और अब आप इमेजिन कर लो की कितनी सेक्सी होगी वह.. उसने BBA फर्स्ट इयर में एडमिशन लिया हुआ था. सभी लड़के उसे पटाने के पीछे पड़े हुए थे पर वह किसी को भी भाव देती नही थी.
फिर हम थोड़े ही दिनों में दोस्त बन गये क्योंकि वह मेरे आगे वाले बेंच पर ही बेंच के ऊपर बेठती थी इसीलिए हम लोग बहोत जल्दी फ्रेंड बन गये थे और हमारे नंबर एक दुसरे के पास चले गए. में बोलने में बहोत हु अच्छा हु उसिलिये हमारी बात बहोत जल्दी आगे बढ़ने लगी थी और ऐसे ही कुछ दिन बीत गये और हम फ्रेंड से बेस्ट फ्रेंड बन गये. में पढने में अच्छा हु इसीलिए उसको जब भी जरूरत होती तब वह मेरे पास ही आती थी. और हम लोग जब भी फ्री होते तब खूब बाते भी करते थे. हम लोग साथ में ही लंच करते और पढ़ाई भी साथ में ही करते थे.
मैने उसे एक दिन पूछा की में तुम्हे एक सवाल पुछु तो उसने कहा की हां. मेंने उसे पूछा की क्या तुम पोर्न मुविस में इंटरेस्ट रखती हो .. थोड़ी देर चुप रहने के बाद वह बोली के उसमें तो कोण नहीं इंटरेस्ट रखता? में घर पर फ्री टाइम में देख लेती हु. उस के मुह से ये सुनके मुझे मेरा सपना पूरा होता नजर आ रहा था. फिर हम ऐसे ही सेक्स रिलेटेड बाते करते थे. फिर मैने ऐसे ही उसकी ब्रा का साइज़ पुछ लिया और उसने मेरे लंड का साइज़ पूछ लिया. और मेरे लंड का साइज़ सुनते ही उसके मुह पर एक हलकी सी स्माइल आ गयी थी.
फीर ऐसे ही फोन सेक्स चेट होने लगी. फिर कोलेज की तरफ से मूवी का प्लान बना. उसने पहले तो मना कर दिया पर वह उसके बाद रेडी हो गयी. मैने उसे पहले ही बोल दिया था की वह सलवार और कमीज पहन कर आये. और दोस्तों आप को क्या बताऊ क्या मस्त लग रही थी उसका रंग एकदम गोरा दूध सा सफ़ेद था और उस पर उसने काला सूट पहना हुआ था. सभी लड़के उसे ही देख रहे थे. फिर हम लोग सिनेमा ने पहुचे और वहा पर हमारे कोलेज के लिए पहले से ही एक होल बुक किया हुआ था. मेरी किस्मत अच्छी थी की उसको कोर्नर की सिट मिल गई और में उसके साथ जा के बेठ गया.
और फिर मूवी शुरू हो गयी और लाईट बंद हो गई. फिर मूवी को अभी आधा घंटा ही हुआ था, और मैने उसके हाथ पे हाथ रखा लेकिन उसने साइड कर दिया और वह मुझे आँखे दीखाने लगी. में कुछ बोल नहीं सकता था क्योंकि वहा पर हमारे कोलेज के लड़के बैठे हुए थे तो मेंने उसे मेसेज किया की सिर्फ हाथ पकड़ने दो .. और फिर उसने उसका हाथ वापिस वहां पर रख दिया और मैने उसका हाथ फटक से पकड लिया. . में तो गर्म करने में एकदम एक्सपर्ट था. . इसीलिए मुझे ज्यादा टाइम नहीं लगा और में उसके हाथ पे आपन हाथ घुमाने लगा.
वह थोडा रिलेक्स फिल कर रही थी .. लेकिन वह डर भी रही थी की कोई देख ना ले. फिर मैने उसकी गर्दन से पीछे ले जाकर एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया और उसके कान के पीछे सहलाने लगा जिससे वह गरम होने लगी थी. . मैने एक हाथ से मेसेज कर के उसे बोला की थोडा सा आगे हो जाओ, उसने वैसा ही किया. और में पीठ के पीछे से हाथ ले जाकर उसके बूब्स को टच करने लगा. और आज तो मेरी किस्मत खुल गयी थी और वह पल याद करता हु हो आज भी मेरा लंड खड़ा हो जाता हे.
में उसे हल्का हल्का दबाने लगा. और वह तो पहले से ही गरम हो चुकी थी .. मैने हाथ निकाल के बहार जा कर पोपकोर्न ले आया क्योंकि उसके साथ ट्रे भी देते थे, तो मैने वह ट्रे उसके आगे रख ली.. वह अब समज चुकी थी की में क्या करने वाला हु .. उसने ट्रे थोड़ी ऊपर उठा के रखी और मैने धीरे से उसका नाडा खोल दिया. और उसने अपनी गांड ऊपर उठा ली और मैने उसकी सलवार को जांघ से निचे कर दिया. मैने जब पेंटी के ऊपर हाथ रखा तो वहा पर थोडा गिला पण मुझे महसूस होने लगा.
फिर मैने धीरे से उसकी चूत के लिप्स को खोला और निचे उंगली ले जाकर उसके अंदर डालने लगा था.. मैने जब उसके पैर की तरफ देखा तो उसने आखे बंद करली थी. और फीर में धीरे धीरे मेरी उंगली अंदर बहार अंदर बहार करने लगा था.. उसके आह हह्ह्ह अहह अम्म्म अहह मम्म अहह मम उम्म्म की आवज मुझे सुनाई दे रही थी. उसने मुझे धीरे से कहा की करन अब रुकना नहीं करते रहो.. और जोर से करो .. में भी अब समज चूका था की ये जड़ने वाली हे. में और तेज तेज करने लगा और थोड़ी देर में वह जड़ गई. उसके फेस पे स्माइल साफ साफ दिख रही थी और फिर मैने धीरे से बोला की मेरा भी काम कर दो ना जानेमन और मैने ट्रे अपने ऊपर पकड़ी औए उसने मेरी पेंट की जिप खोल दी और मेरी अंडरवियर को पटक से निचे कर दिया.
तो वह उसे देख के हेरान हो गयी और वह खुश भी हो रही थी,.. क्योंकि यह लंड उसकी सिल तोड़ने वाला था .. फिर उसने ऊपर निचे करना शुरू कर दिया और एक दो बार उसने निचे जुक के अपने मुह में भर लिया .. में तो सातवे आसमान में था .. थोड़ी देर में उसके हाथ में जड़ गया और उसने मेरा सारा पानी पि लिया और फिर इंटरवल हो गया.. और फिर हम तो ऐसे कर रहे थे की जैसे कुछ हुआ ही ना हो..

पहले बॉयफ्रेंड का फिर भाई का लंड खाया

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हेल्लो दोस्तों, मैं अलीशा आप सभी का हॉट सेक्स स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालों से क्रेजी सेक्स स्टोरी की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। Pahle Boyfriend Ka Fir Bhai Ka Lund Khaya.
दोस्तों जैसे ही मैं १२वी पास करके कॉलेज में बी.ए. करने पहुच गयी मुझे चुदाई के बारे में पता चल गया और मैं दिन रात सोचने लगी की कैसे सेक्स का मजा लिया जाए। मेरी सहेलियों ने मुझे कई लड़कों से मिलवाया और मैंने रोहन नाम के एक लड़के को अपना बॉयफ्रेंड बना लिया। हम दोनों डेट पर जाने लगे और धीरे धीरे मुझे उससे प्यार हो गया। एक दिन वो मुझे कॉलेज की छत पर ले गया। आमतौर पर वहाँ आना मना था। पर प्रेमी जोड़े यहाँ चुपके से आ जाते थे और छिपकर चुदाई करते थे। कॉलेज की छत पर आना तो मना ही था। उपर से हमारा प्रिंसिपल डी पी सिंह बहुत खडूस आदमी था। वो लड़के लड़कियों को आपस में बात करते नही देख सकता था और हमेशा यही सोचता था की उसके कॉलेज के लड़के लड़कियाँ आपस में चक्कर चला रहे है और चुदाई करते है।
मेरा बॉयफ्रेंड रोहन मुझे कॉलेज की छत पर ले आया। हमारा कॉलेज तो बहुत बड़ा और विशाल था, इसलिए छत भी बहुत बड़ी थी। जब मैं रोहन के साथ उपर कई तो कई जोड़े कोने कोने में लेट कर चुदाई का मजा कर रहे थे। मुझे भी ये बहुत अच्छा और मस्त लगा। रोहन ने मेरे दुपट्टे को जमींन पर बिछा दिया और हम दोनों बैठकर किसी प्रेमी जोड़े की तरह बात करने लगे।
“अलीशा……तूने कभी लंड खाया है????” रोहन ने पूछा
“नही….” मैंने हँसने लगी
“जान….. आज मैं तुमको बताऊंगा की लड़कियाँ लंड कैसी खाती है!!” रोहन बोला                 “Bhai Ka Lund Khaya”
“जानू…..आज मैं भी तुमसे कसके चुदना चाहती हूँ। रोहन आज तुम मेरी सारी जवानी लूट लू और मुझे कसके चोद लो!!” मैंने अपने बॉयफ्रेंड रोहन से कहा। उसके बाद हम दोनों कोने में बैठकर आपस में किस करने लगे। रोहन से मुझे बाहों में भर लिया था। मैं २० साल की वयस्क लड़की हो चुकी थी और चुदने को पूरी तरह से तैयार थी। मैं खुश थी की मेरा बॉयफ्रेंड रोहन आज मेरी सील तोड़ देगा और मुझे मस्ती से चोदेगा। हम दोनों कॉलेज की छत पर बैठकर रोमांस करने लगे। अगर हम खड़े हो जाते तो कॉलेज के गार्ड हमे देख सकते थे। इसलिए हम लोग बैठ गये थे और छिप गये थे। रोहन ने मुझे पीठ पर दोनों हाथो से पकड़ लिया और मेरे रसीले और गुलाबी होठ चूसने लगा। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।
दोस्तों मेरे ओंठ बहुत रसीले और गुलाबी थे। रोहन मेरे ओंठो की लाली चुरा रहा था। किस करते करते हम दोनों गर्म होने लगे। मैंने भी रोहन के होठ को मजे से चूस रही थी। धीरे धीरे मुझे अच्छा लग रह था और एक अजीब सा नशा छा रहा था। फिर रोहन ने मुझे दुपट्टे पर लिटा दिया। मैंने कॉलेज का सिलेटी रंग का सूट पहन रखा था। रोहन ने मेरी कॉलेज ड्रेस निकाल दी। मेरा कॉलेज का सिलेटी सूट निकाल दिया, फिर मेरी सफ़ेद रंग की कसी ब्रा भी निकाल दी। मेरे बूब्स ३४” के शानदार और बड़े सुंदर थे। मेरे खूबसूरत बूब्स को देखकर रोहन मचल गया और मेरे उपर ही लेट गया और मेरे बूब्स अपने हाथ से दबाने लगा। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”मैं आवाज करने लगी                                     “Bhai Ka Lund Khaya”
“अलीशा…जान आवाज मत करो। देखो यहाँ जितनी लौंडिया चुद रही है कोई आवाज नही कर रही है। सब की सब आराम से आवाज दबा कर चुदवा रही है!!” रोहन बोला। फिर मैं बड़ी धीरे धीरे आवाज कर रही थी। वो मेरे खूबसूरत बूब्स को हाथ से दबाने लगा और मजे लेकर पीने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं उसे प्यार करने लगी। मेरी चूचियां बड़ी मस्त मस्त गदराई हुई थी। रोहन मजे लेकर मेरी चूचियों को चूस रहा था। मुझे कुछ कुछ होने लगा। आज मैं पहली बार किसी लड़के से चुदने वाली थी। आज मेरी भी सील टूटने वाली थी। रोहन का मुंह तो जैसे मेरे सारे दूध को ही चूसे जा रहा था वो मेरी एक एक छाती को जोर जोर से दबा रहा था और फिर मुंह में लेकर चूस रहा था।
बॉयफ्रेंड की छुअन से मुझे एक अलग तरह की उतेज्जना महसूस हो रही थी। “…..ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” बोल बोलकर मैं कराह रही थी। मुझे अच्छा लग रहा था। मुझे मजा आ रहा था। आज मैं अपने जिस्म की भूख रोहन से चुदवाकर मिटाने वाली थी। रोहन मेरे दोनों बूब्स को बड़ी मेहनत से चूस रहा था। मेरी चूचियों की निपल्स अब खड़ी होकर कड़ी कड़ी हो गयी थी। मेरी नंगी पीठ, कन्धो और हाथो को भी रोहन चूम रहा था और किस कर रहा था। वो मेरी नंगी पीठ को सहला रहा था और उसने मुझे करवट करके अपनी बाहों में ले रखा था। मेरे बूब्स की निपल्स को वो दांत से काट रहा था। मुझे अजीब सा नशा चढ़ रहा था। जब वो मेरे ३४” के आम चूस चुका तो मैंने देखा की कई जहग उसके दांत के निशान मेरे मम्मो पर पड़ गये थे। पर मुझे इसमें मजा बहुत आया।                 “Bhai Ka Lund Khaya”
फिर रोहन मेरे कॉलेज की ड्रेस वाला नारा खोलने लगा और उसने मेरी सफ़ेद सलवार निकाल दी। मैंने अंदर सफ़ेद रंग की पेंटी पहन रखी थी। रोहन ने वो भी खीचकर निकाल दी। मुझे शर्म भी आ रही थी। आज वो मेरी रसीली चूत की सिटी खोलकर मुझे चोदने वाला था। मैंने शर्म से पिघल रही थी और पानी पानी हुई जा रही थी। रोहन ने मेरी दोनों टांगो को खोल दिया और मेरी चिकनी चमेली चूत को चाटने लगा। मैं मधहोश होने लगी। मुझे बड़ा अजीब सा लग रहा था। इसके अलावा मुझे बड़ा अच्छा भी लग रहा था। रोहन मेरे गुलाबी भोसड़े में चाट रहा था। मेरी चूत पर एक भी झांट नही थी। सुबह ही मैंने इसे क्लीन शेव कर लिया था। कुछ देर बाद वो रोहन बिलकुल से पागल हो गया और बड़ी जल्दी जल्दी मेरी बुर पीने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मुझे पुरे जिस्म में सनसनी महसूस हो रही थी। चरम और तीव्र यौन उतेज्जना को मैं महसूस कर सकती थी। मेरे बॉयफ्रेंड रोहन की जीभ मेरी चूत के हर एक हिस्से को चूस रही थी।            “Bhai Ka Lund Khaya”
धीरे धीरे मेरी चूत नम और नर्म होती जा रही थी। रोहन मेरे चूत के दाने को चाट रहा था। फिर उसने अपना लंड मेरी बुर के छेद पर रख दिया और जोर से धक्का मारा। मेरी सील टूट गयी और वो मुझे चोदने लगा। रोहन का लंड मेरी चूत में गच्च से अंदर उतर गया। रोहन मुझे चोदने लगा। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। अब मैं कुवारी माल नही रह गयी थी। रोहन ने मेरी गोरी गोरी झाघो को पकड़ लिया और मुझे हचाहच चोदने लगा। आज मैं जान गयी की चुदवाना क्या होता और और चूत में लंड खाना कैसा होता है। दोस्तों, आज मुझे ये मालूम हो गया। मेरी टाँगे अपने आप उपर की तरह उठ गयी और मैं मजे से अपने बॉयफ्रेंड से चुदवाने लगी। कुछ देर बाद मुझे भी खूब मजा मिलने लगा और मैं जोर जोर से कराहने लगी। “ऊऊऊ ….आआआअ ओह हो आ आ आहा !! उई उई उई !! आउच!!” करके मैं जोर जोर से मीठी और बेहद मादक सिसकारी निकालने लगी।
रोहन और जादा जोश में आ गया और मुझे कस कसके पेलने लगा। कुछ देर बाद वो मेरे भोसड़े में गहरे धक्के देने लगा। मेरी कमर अपने आप नाचने लगी। मैं अपना पेट उपर की तरह उठाने लगी और किसी इन्द्रधनुष की तरह लगने लगी। मेरी चूत में फुरफुरी उड़ने लगी। रोहन मुझे पक पक पेलने लगा। जैसे वो कोई कद्दू काट करा हो। फिर वो बिना रुके धक्के मारने लगा। कुछ देर बाद उसने अपना माल मेरी चूत में छोड़ दिया। फिर उसने मुझे कॉलेज की छत पर ही कुतिया बना दिया। अपने घुटनों और दोनों हाथो पर मैं कुतिया बन गयी।
रोहन मेरे पीछे आ गया और झुककर मेरी चूत पीछे से किसी कुत्ते की तरह चाटने लगा।                     “Bhai Ka Lund Khaya”
आह—मुझे बड़ा मजा मिल रहा था। उसने फिर से अपना लंड मेरी बुर में डाल दिया और पीछे से चोदने लगा। मेरे नाजुक, गोल, मांसल और चिकने चुतड को वो मजे से सहला रहा था। पीछे से मुझे खचा खच चोद रहा था। कुछ देर बाद वो फिर से मेरी चूत में झड गया। उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और अपने अपने घर चले आये। दोस्तों, धीरे धीरे मुझे चुदाई का नशा चढ़ने लगा और मैं रोहन से रोज चुदवाने लगी। मैं एक सेक्स एडिक्ट हो गयी और बिना चुदवाये तो मेरा दिन ही नही कटता था। मेरा बॉयफ्रेंड रोहन कुछ दिनों के लिए अपने पापा के साथ शहर से बाहर चला गया था और इधर बिना लंड खाए मेरा काम भी नही चल रहा था तभी मुझे एक तरकीब सूझी की क्यूँ ना मैं अपने भाई से ही चुदवा लूँ।                                                          “Bhai Ka Lund Khaya”
मेरा सगा भाई सलिल भी मेरी उम्र का २० २१ साल का था और अभी तक उसने कोई माल भी नही पटाई थी। मैंने सलिल के कमरे में अपना फोन छोड़ दिया। उसमे ढेर सारी ब्लू फिल्मे थे। सलिल को मुझसे गाने चाहिए थे। जैसे ही सलिल ने मेरा फोन खोला तो उसे बहुत ही ब्लू फिल्मे उसे दिख गयी और वो खुद को रोक ना सका और देखने लगा। कुछ देर बाद मेरा भाई बिलकुल पागल हो गया था, उसने दरवाजा बंद भी नही किया और अपनी पेंट खोलकर अपने बड़े से लौड़े को हाथ में लेकर फेटने लगा। मैं यही तो चाहती थी। मैंने इसी बीच सलिल के कमरे में सिर्फ ब्रा और पेंटी में पहुच गयी। मुझे देखकर वो घबरा गया और मोबाइल उसके हाथ से नीचे गिर गया। मुझे देखकर सलिल डर गया था। मैंने उसे पकड़ लिया और किस करने लगी।                                   “Bhai Ka Lund Khaya”
सलिल को तो यकीन ही नही हो रहा था की उसकी अपनी सगी बहन कभी उसके सामने ब्रा पेंटी में आ जाएगी। जब तो वो कुछ सोचता मैं उसके होठो को चूसने लगी। उसने मुझसे दूर हटने की कोशिश की मगर मैंने उसे कसकर पकड़े रखा। कुछ दिन बाद मेरे भाई से शर्म ह्या त्याग दी और मुझे बाहों में भर लिया और मेरे गुलाबी होठ चूसने लगा। यही तो मैं चाहती थी। सलिल अच्छे से समझ रहा था की आज मैंने उससे चुदने के मूड में थी। आज मैं उसको अपनी बुर चोदने को देना चाहती थी। हम दोनों भाई बहन गरमा गर्म चुम्बन करने लगे। धीरे धीरे हम दोनों को बहुत मजा आने लगा।
सलिल ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे गले, कान, कन्धो, हाथ सब जगह किसी पागल आशिक की तरह वो किस करने लगा। मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करके सिसकारी लेने लगी।
सलिल के हाथ कुछ देर में मेरे रसीले बूब्स पर आ गये और वो मेरे बूब्स दबाने लगा। वो मुझ पर लेट गया था और मुझसे प्यार कर रहा था। हम दोनों में कोई बात नही हो रही थी क्यूंकि हम दोनों आज काम लगाने जा रहे थे। मैंने उससे अपनी बुर चुदाने जा रही थी। मेरा सगा भाई मेरी दुग्गी चोदने जा रहा था। उसने मेरी ब्रा खोल दी और पेंटी भी उतार दी। अपने सगे भाई के सामने अब मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। सलिल ने भी अपने कपड़े निकाल दिए और पूरी तरह से मेरे सामने नंगा हो गया था। फिर वो मेरे उपर लेट गया और प्यार करने लगा। फिर वो मेरे दूध पीने लगा।                                                               “Bhai Ka Lund Khaya”
सलिल फिर हपर हपर करके मेरा दूध पीने लगा। वो जोर जोर से काली काली निपल्स को दांत से पकड़ कर उपर की ओर खींचता तो मेरी चुचि उपर की तरफ उठ जाती। मेरी गदराई छातियाँ इतनी बड़ी थी की मुश्किल ने उसके हाथ में आ पा रही थी। वो तेज तेज मेरे दूध को दबा रहा था। मेरे रसीले स्तन किसी स्पंज छेने की तरह लग रहे थे। जिस तरह से छेने को दबाने पर रस टपकने लगता है और छोड़ दो तो छेना अपने आकार में फिर से वापिस आ जाता है, ठीक उसी मेरे दूध के साथ हो रहा था। जब सलिल जोर से मेरे दूध दबाता था तो वो पिचक जाते थे, पर जैसे ही वो छोड़ता था, फिर से मेरे रसीले दूध उतने बड़े हो जाते थे।
इस तरह से सलिल मुझे बड़े प्यार से मेरे दूध खीच खीच कर पीने लगा। मुझे बहुत जोर की यौन उतेज्जना होने लगी। मैं कामातुर हो गयी। सलिल का लंड खाने को मैं तपड रही थी। पर अभी तो वो मेरे दूध पीने में ही बेहद व्यस्त था। मेरी दोनों चुचि की निपल्स को दांत से काट रहा था और खींच खींच कर किसी लीची की तरह चूस रहा था। मैं दावे से कह सकती थी की मेरे दोनों गोल गोल दूध बड़े मीठे होंगे। मैंने अपनी आँखों से देखा मेरे सगे भाई सलिल का लंड किसी बिजली के खम्भे की तरह खड़ा हो गया था। बड़ी देर तब वो मुझे अपनी बीबी की तरह मेरे दोनों दूध अदल बदल कर पीता रहा।                                            “Bhai Ka Lund Khaya”
अब उसने मेरी टाँगे खोल दी और मेरी चूत में लंड डाल दिया और बड़ी शान से मेरा भाई मुझे चोदने लगा। सलिल मुझे धीरे धीरे चोदने लगे और मेरी चूत में लंड अंदर बाहर करने लगे। मैं अपने सगे भाई से चुदने लगी। उसका मोटा लंड खाने लगी। शुरू शुरू में मुझे बहुत दर्द हो रहा था। सलिल ने मेरी मुँह पर अपना मुँह रख दिया और मेरे होठ पीने लगे। इससे मेरी आवाज भी दब गयी। सलिल ने मुझे बाहों में लपेट लिया था और घपा घप चोद रहे थे। ओह्ह्ह्ह !! मैं बता नही सकती हूँ की चुदाई में मुझे एक अजीब सा नशा मिल रहा था। मेरी चूत के अंदर उसका विशाल लंड बड़ी जल्दी जल्दी अंदर बाहर जा रहा था। मेरी चूत चुदने से चट चट की मीठी आवाज हो रही थी। जैसे कोई ताली बजा रहा हो।
दोस्तों, मैं अपने बॉयफ्रेंड रोहन का लंड खा चुकी थी और आज अपने सगे भाई से चुद रही थी और ऐश कर रही थी। मुझे बहुत मीठा मीठा लग रहा था। कुछ देर बाद सलिल मुझे बहुत तेज तेज चोदने लगे। किसी मशीन की तरह उन्होंने मुझे २० मिनट में कोई २०० बार जल्दी जल्दी चोद दिया और मेरी चूत में लंड अंदर बाहर करता रहा। उसके बाद सलिल मेरी बुर में ही झड़ गये। पिच्च पिच्च की आवाज के साथ उसने अपना माल मेरी चूत में छोड़ दिया। दोस्तों अब मैं अपने बॉयफ्रेंड रोहन और भाई सलिल का लंड रोज खाने लगी थी। मेरी जिन्दगी खुशियों से भर गयी थी।

काम वाली बाई से लंड चुसवाया

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हेलो दोस्तों, आप कैसे है. मैं २८ साल का नौजवान हु और मुझे सेक्स का बहुत शौक है. मेरी शादी अभी नहीं हुई है और मैं मुंबई में रह कर जॉब कर रहा हु. आप सब को तो मालूम ही है, कि मुंबई की लाइफ कितनी भागा- दौड़ी वाली है और घर के लिए समय ही नहीं मिलता है. इसलिए मैंने घर में काम वाली बाई लगा रखी थी. वो कोई ४५ के आसपास की औरत होगी. वो सिर्फ मेरे घर में ही काम करती थी. मैंने उसको रखा ही इसी शर्त पर था. मेरा नाश्ता बनाना, कपड़े धोने, घर की साफ़ सफाई और बाकी सारे काम. वो सुबह ६ बजे आ जाती थी और मुझे चाय देकर जागती थी.
आप सब को पता ही होगा, कि सुबह के वक्त लंड ज्यादा खड़ा होता है. बाई जब भी मुझे चाय दे कर जाती, तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट होती थी. मुझे ये तो पता था, कि मेरा लंड खड़ा रहता है और वो इसी वजह से मुस्कुराती है. एक दिन मैं ऑफिस से वापस आया, तो देखा कि उसने टेबल पर मेरी सेक्स किताबे निकाल रखी थी. वो मुझे चाय देते हुए बोली – साहब शादी कर लो. आप सुबह ही तने रहते हो, इन सब तस्वीरो को देख कर. फिर वो जोर – जोर से हसने लगी. मैंने कहा – कोई बात नहीं. तने हुए को शांत करने के लिए शादी की जरूरत नहीं है. सिर्फ जो प्यासा हो उसकी जरूरत है.
शायद, बाई को मेरी बात कुछ समझ आ गयी. उस दिन उसने खाना बड़ा अच्छा बनाया था. वो शाम को मेरे साथ बात करती थी और अपने पति को खूब गालिया देती थी. साला… खुद तो कुछ काम करता नहीं.. जो मैं कमाती हु, वो भी ले लेता है और सब दारु में उडा देता है. इस बहाने से वो मुझे कुछ ना कुछ ले ही जाती थी. उस दिन भी वो अपनी ही कहानी सुना रही थी और बोल रही थी.. साहब बिलकुल बेकार हो गया है. आता है साला दारू में धुत्त और मेरे ऊपर चढ़ जाता है और फिर २ मिनट में ख़तम. हम तो मनमकोस कर रह जाते है.
मुझे समझ आ गया, कि बुद्दी की चूत चुदवाने को फुदक रही है. मैंने उसको बोला – आज खाना अच्छा बनाया है. वो मुस्कुरा दी. फिर मैंने कहा – लगता है.. तस्वीरे देख कर जवानी आ गयी. वो बोली – साहब, जवान तो हम है ही.. बस जवानी को रौंदने वाला नहीं मिला अभी तक. फिर तो मेरे लंड ने जोर मारना शुरू कर दिया. फिर मैंने कहा – बाई आज थोड़ा रुक सकती हो? मेरे पैरो की मालिश करनी है. बहुत दर्द है. वो मुस्कुरा दी और बोली – आप कहे, तो रात में रुक जाती हु. मेरा मर्द कोई एतराज़ नहीं करेगा. मैंने कहा – ठीक है. उसने अपने मर्द को फ़ोन कर दिया और मैंने अपने बेडरूम में आ गया और केवल शॉर्ट्स डाल दी.
मैंने पलंग पर पैर फैला कर बैठ गया और वो तेल गरम करके ले आई. वो मेरे पैरो को मालिश कर रही थी और मैं अपने मोबाइल को साइलेंट करके एक ब्लू फिल्म देख रहा था. वो साथ – साथ में मुझसे बातें भी कर रही थी. एक ब्लू फिल्म की वजह से और दूसरी उसके हाथ मेरे शरीर में लगने की वजह से मेरा लंड धीरे – धीरे धक्के मारने लगा. वो अब मेरे शोर्ट में तम्बू बना रहा था. मैंने लंड को ऐसे ही रहने दिया और कुछ भी नहीं किया. बाई का हाथ धीरे – धीरे ऊपर आ गया और मेरी जांघ पर वो मालिश करने लगी. फिर उसने देखते – देखते मेरे शॉर्ट्स के अन्दर हाथ डाल दिया और मेरे अन्डो को पकड़ कर दबा दिया.
मेरे मुह से जोर दार सिसकी निकल गयी इस्स्सस्स्स्सस्स्स… उसके निप्पल भी खड़े हो चुके थे. मैंने आव ना देखा ताव और सीधे ही उस पर हमला कर दिया. मैंने उसके बूब्स को एकदम से पकड़ लिया और उसको दबाने लगा. वो मचल रही थी और बहुत जोर से सिसकी रही थी… क्या कर रहे हो बाबु जी… ऊऊऊऊईईईईइमा अहहहहाहा…. मैंने उसको एकदम से ऊपर खीच लिया और उसके चेहरे को पकड़ लिया और उसके होठो को अपने होठो में दबा लिया और उसको मसल कर चूसने लगा. वो बहुत ही मस्त होने लगी थी और उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसको मसलने लगी.
वो बहुत गरम और बैचेन थी. उसने मुझे ज्यादा मौका नहीं दिया और एकदम से मेरा शॉट्स खीच दिया और मेरे लंड को नंगा कर दिया. मुझे उसको बैचेनी देख कर मज़ा आ रहा था और मैंने फिर एकदम से उसको पकड़ा और उसके सारे कपड़े उतार दिए और मस्ती में उसके दूध को पकड़ लिया और उनके निप्पल को मुह में डालने लगा. उसने मुझे धक्का देख कर पलंग पर लिटा दिया और मेरे लंड से खेलते हुए, उसको अपने मुह में पकड़ लिया और उसको मस्ती में चूसने लगी. वो पुरे लंड को अपने मुह के अन्दर तक ले रही थी.
बहुत मज़ा आ रहा था. मुझे लगा, कि अगर वो ज्यादा चूसेगी, तो मेरा छुट जाएगा. मैंने उसको कहा बस प्लीज और नहीं. फिर उसने मेरी तरफ देखा और फिर मेरे ऊपर चढ़ गयी और अपनी चूत को अपने हाथो से खोल कर मेरे लंड के ऊपर रख दिया और धम्म से नीचे बैठ गयी… मेरे लंड की खाल एकदम से नीचे खिसक गयी और मेरे मुह से एक जोरदार चीख निकली आआआआआआआआआआआआह्हह्हह्हह्ह…. मर गया. प्लीज… वो मेरे लंड पर खुद रही थी अपने बूब्स को दबा रही थी और अपने होठो को काट भी रही थी.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने पलंग के पीछे के हिस्से को पकड़ा हुआ था और फिर एकदम से मेरी गांड भी ऊपर की और चलने लगी. उसकी स्पीड भी तेज होने लगी थी और अचानक से उसका शरीर ढीला पड़ गया और वो मेरे ऊपर गिर गयी. मेरे लंड पर बहुत गरम अहसास हुआ और मुझे पता चल गया, कि वो झड़ गयी है. मैंने उसको कस कर दबा लिया और फिर उसको जोरदार झटके मारने लगा. मेरी गांड से नीचे से ऊपर झटक रही थी और करीब १० मिनट के बाद, मैंने भी अपना पानी उसकी चूत में छोड़ दिया.
वो मेरे ऊपर ही पड़ी रही और फिर हम सो गये. रात को जब मेरी नीद खुली, तो देखा कि वो मेरा लंड चूस रही थी. हमने फिर मस्त सेक्स किया और मैंने उसको गांड भी मारी. सुबह वो उठी. नहाई और काम करके जाने लगी. तो मैंने उसे १००० दिए. वो खुश हो गयी. अब जब भी मैं हॉर्नी होता हु. उसको रात भर चोदता हु और मज़े लेता हु और देता हु.

साबुन लगा के मामी को चोदा

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रिकी हैं,, मेरी एक मामी हैं जिनका नाम हैं शालिनी गुप्ता और वो उम्र में ३२ साल की हैं और उनका रंग एकदम गोरा हैं. उनके मिसरमेंट्स 36-34-37 हैं और वो दिखने में श्रुति हासन के जैसी हैं. ये बात कुछ २००७ से ही चालू हो गई थी जब मामी सिर्फ २४ साल की थी. मामा के घर वेकेशन के लिए मैं और माँ वहां गए थे, पापा के ऑफिस के काम की वजह से वो साथ में नहीं आये थे. [ Antarvasna, Hindi sex stories ]
हम जब वहां गए तो पता चला की मामा भी कुछ काम से दिल्ली गए हुए थे. मामा एक विक के लिए गए हुए थे और मामी घर पर अकेली ही थी.
मामा के गाँव में मेरे कुछ दोस्त थे जिनके साथ मेरी अच्छी बनती हैं, इसलिए मेरी माँ जब मामा के घर से मेरी एक मौसी के घर गई तो मैंने कहा की मैं यही रुकुंगा. मामी ने भी माँ से कहा की इसे यही रहने दो यहाँ दिल लगा हुआ है उसका. माँ मौसी के घर चली गई और शाम को मैं अपने एक दोस्त आर्यन के साथ फुटबोल खेलने चला गया. फुटबोल खेल के हम गंदे हो चुके थे कीचड़ मिटटी से. ऐसी हालत में ही घर को वापस लौटे.
मामी ने मुझे देख के कहा अरे ये क्या हाल बना के रखा हुआ हैं तुमने, इतने गंदे कैसे हो रहे हो. तो मैंने उनसे कहा की फुटबोल खेलने की वजह से तो उन्होंने बोला की कोई बात नहीं मैं तुम्हे नहला देती हूँ. तो फिर मामी मेरे साथ बाथरूम में आ गई और मेरे कपडे उतारने लगी. उस टाइम मामी ने येलो कलर की साडी पहन रखी थी. मेरे कपड़ो के बाद उन्होंने खुद अपनी साडी भी उतार दी. अब उन्होंने अपने ब्लाउज और पेटीकोट में अपने बदन का नज़ारा दिखाया मुझे. उनका लो-कट वाला ब्लाउज बड़ा ही हॉट था.
मामी को ऐसे देख के मैं थोडा शर्मा रहा था और मेरा लंड भी खड़ा हो गया. क्यूंकि मैंने अंडरवेर पहन रखा था तो वो एक टेंट के जैसा हो गया था. ये देखकर मामी ने एक स्माइल किया और एक स्टूल पर बैठ गई. और फिर एक मग पानी मेरे पर डाल दिया. अब मामी अपने हाथ से साबुन लगा के मेरी पूरी बोड़ी को झागवाली कर रही थी.
यह सब मेरे लिए एकदम नया था तो मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. फिर मामी ने मेरे पैरो पर साबुन लगाया फिर मामी मेरा अंडरवेर उतारने लगी. लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया क्यूंकि मुझे शर्म आ रही थी. फिर उन्होंने बोला की शर्मा ने की कोई बात नहीं हैं. फिर उन्होंने मेरा अंडरवेर उतार ही दिया. फिर उन्होंने अपनर हाथो में थोडा और साबुन लिया और मेरे लुंड पर मलने लगी. मुझे एकदम हॉट लग रहा था ये सब.
फिर मामी ने मुझे अपने पास खिंचा और फिर अपने राईट हेंड से मेरे लंड को सहला रही थी और अपना लेफ्ट हेंड मेरे बालो पर रखा और मेरे बालों को धीरे से खींचने लगी. और फिर उन्होंने अपना मुहं आगे किया पहले मेरे दोनों गालो को किस किया और फिर मुहे होंठो के ऊपर भी समुच कर लिया. इस वक्त मेरी हार्ट बिट्स एकदम तेज हो चुकी थी. और फिर मामी ने किस करते करते हुए मेरे लंड को सहलाना चालू कर दिया. मुझे मस्त लग रहा था मामी का किस करना और साबुन से भीगे हुए लंड को सहलाना.
मामी ने मुझे पूछा की कैसा लगा तो मैंने बोला की बहुत मज़ा आया. उसके बाद मामी ने शोवर चला दिया. मामी की ब्रा साफ़ दिख रही थी भीगने के बाद. फिर मामी खड़ी हुई और मेरा सर पकड़ा और उसे अपनी नाभि पर रख दिया और बोली की मेरी नाभि को किस करो. तो मैं उनकी नाभि को किस करने लगा तभी मामी ने मेरे दोनों हाथो को पकड़ा और उसे अपनी गांड पर रख दिया और मेरे हाथो से अपनी गांड को दबाने लगी. फिर मैं उस गांड को और भी जोर से दबाने लगा था तो मामी के मुहं से मोअनिंग चालु हो गई,, आह्ह्हह्ह येस्स्स्स आह्ह्ह्ह ऊईईइ अह्ह्ह्हह आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!
फिर कुछ मिनिट्स के बाद हम बाथरूम से बहार आये. फिर उन्होंने मुझसे कहा की ये बात किसी को मत बताना तो मैंने कहा ठीक हैं. मामी ने निचे बैठ के मेरे होंठो पर फिर से किस दिया. फिर बाकि के दो दिनों तक ऐसा ही चलता रहा. पर मैंने उन्हें पूरा नंगा नहीं देखा था और समुच और नावेल यानि की नाभि किस के आगे कुछ हुआ भी नहीं था.
कुछ मौका नहीं मिला चुदाई का और फिर माँ वापस आई तो मैं आगरा आ गया उसके साथ में. फिर मैं उनके घर पुरे ४ साल के बाद यानी की २०११ में गया. इस बिच में मैं मामी स मिला तो था लेकिन कुछ खास लम्बी बात नहीं हुई थी और कुछ और भी नहीं हुआ था. मामी ने मुझे अकेला देख के एकदम टाईट हग कर लिया. मेरा लंड तो एकदम टाईट था. मामी ने फिर मुझे होंठो पर चूम्मा दिया और मेरे लंड पर हाथ भी ले गई.
मैं पूछा: मामा कहा हैं?
मामी: वो बहार हैं एक घंटे में लौटेंगे.
मामी ने फिर मेरे लंड को एकदम कड़ा कर दिया और बोली, तुम बहुत बड़े हो गए हो और बाकि सब चीजें भी बड़ी हो चुकी हैं तुम्हारी.
मामी के मुहं से मेरे लंड की तारीफ़ को सुन के मुझे मस्त लगा. मैंने उसके बूब्स को पकड़ के दबा दिया तो उसके मुहं से आह निकल पड़ी. मैंने उसकी साडी में हाथ डाल के ब्लाउज के ऊपर से ही बूब्स मसल दिए. मामी ने कहा, चलो बेडरूम जाते हैं.
मामी के मुहं से यह सुन के मैं जान गया की आज तो चुदाई हो जायेगी इसकी. लेकिन मेरे मन में अभी भी वो ४ साल पहले के साबुन वाला मसाज था. मैंने कहा, मामी चलो न बाथरूम में मुझे साबुन से खुश करो.
मामी हंस के बोली, तुझे अच्छा लगता था वो सब?
मैं बोला, मामी मुझे तो वो आज भी याद हैं.
मामी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और वो मुझे बाथरूम में ले गई. फिर उसने अपनी साडी खोली. अब की मैंने फिर से उसके ब्लाउज को टच कर लिया. मामी ने कहा, बाकि के कपडे तुम उतार दो मेरे.
मैं खुश हो गया और मैंने पेटीकोट और ब्रा को खोला. मामी के चुंचे एकदम काले थे और निपल्स एकदम चौड़ी चौड़ी. मामी ने अब सब कपडे साइड में फेंक दिए. मामी की चूत पर बहुत सब बाल थे, शायद वो झांट नहीं बनाती थी. मामी ने मेरे कपडे अपने हाथ से खोले और बोली, नाभि चाटोगे मेरी?
मैं कुछ नहीं बोला और सीधे निचे झुक के सीधे ही मामी की नाभि में जबान घुसा दी. इस चौड़ी नाभि में जबान डाल के मैं उसे घुमाने लगा. मामी सिसकिया भर रही थी और मेरे माथे को पीछे से पकड़ के अपनी नाभि पर दबाने लगी. मामी की गांड पर हाथ रख के मैंने अब नाभि में और भी जोर से उसे चाटना चालू कर दिया. फिर मैंने मामी की चूत पर हाथ रख दिया और ऊँगल को घुमाने लगा. मामी के बालों को हटा के मैंने कलाईटोरिस पर दबा दिया. मामी बोली, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह उईईइ बड़ा मस्त लगा अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह.
मैंने धीरे से ऊँगली को चूत में घुसा दिया और मामी मरी जा रही थी. कुछ देर मैंने ऐसे ही नाभि को चाटा और फिर मामी बोली, बस करो अब मैं तुम्हारे लिए कुछ करती हूँ.
मामी ने मुझे निचे बिठा दिया और वो मेरे घुटनों के बिच में आ गई. उसने मेरे लंड को पकड़ के हिलाया और बोली, कभी किसी के मुहं में दिया हैं तुमने?
मैंने ना में सर हिलाया तो वो हंस के बोली, आज मामी का मुहं चोदोंगे?
मैंने जवाब नहीं दिया लेकिन सीधा उनके सर को पकड के अपनी लंड की तरफ कर दिया, मामी को जवाब मिल चूका था. उसने मुहं को खोला और मेरे लंड को मुहं में ले लिया और उसे चूसने लगी. मामी पुरे लौड़े को नहीं लेकिन सिर्फ सुपाडे को चूस रही थी. वो लंड को निचे की साइड से पकड़ के ऊपर के शीर्ष को चूस रही थी. मेरे तो तोते उड़े हुए थे. और मामी तो एकदम कस कस के लंड को चूस रही थी. मामी ने अब लंड को थोडा और अन्दर लिया और आधे लंड को चूसने लगी. मामी ने आधे लंड को एक मिनिट ही चूसा और फिर पुरे लंड को अपने मुह में डालने लगी. मुझे इतना मज़ा आ रहा था की दुनिया के कोई शब्दों में मैं उसे लिख नहीं सकता हूँ. मामी अपने मुहं से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह हम्म्म्म की आवाजे निकालते हुए लंड को चुसे जा रही थी.
अब मैंने मामी को हटा दिया क्यूंकि मुझे लगा की मैं वीर्य छोड़ दूंगा. मामी ने कहा, क्या हुआ?
तो मैंने कहा, अब मैं आप की चाटूंगा.
मामी अब मेरी जगह आ गई और मैं उसकी जगह. बाल से भरी हुई चूत में से मसकी स्मेल आ रही थी. लेकिन मैंने फिर भी उसके अन्दर जबान घुसा के कलाईटोरिस यानि की चूत के दाने को चूस चूस के मामी को अन्दर से एकदम गिला कर दिया. मामी का पानी छुट पड़ा जिसे मैंने पी लिया.
मामी ने कहा, अब चोदो मुझे मेरे राजा मेरे से सब्र नहीं हो रहा.
मैंने कहा, पहले लंड पर साबुन को लगाओ.
मामी ने मुझे निचे बिठाया और मेरे लौड़े पर अपने हाथ से लक्स साबुन लगा दिया. मामी ने झाग वाले लंड को देख के संतोष के भाव से कहा, अब हो गाया न!
मामी को मैंने अब वही घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी गांड को खोला. फिर मैंने थोडा पानी और साबुन ले लिया और उसकी चूत और गांड पर झाग कर दिया. फिर मैंने जब लंड को चूत पर रख दिया. मामी की चूत में लंड एकदम आराम से घुस गया साबुन की चिकनाहट की वजह से. मामी ने कहा, आह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह.
मैंने गांड पकड के एक झटके से पुरे लंड को अन्दर उतारा, साबुन की वजह से चत की आवाज आई और पूरा लंड चूत में चपोचप बैठ गया. अब मैंने अपने हाथों को आगे किया और मामी के बूब्स पकड़ के चोदने लगा. मामी को भी बड़ा मस्त लग रहा था और वो आह आह कर के अपनी गांड को हिला के चुदवा रही थी.
साबुन की वजह से चिकनाहट बहुत थी और मुझे भी अलग अनुभव मिल रहा था. कुछ देर मामी की चूत मार के मैंने लंड निकाल के गांड में डालना चाहा. लेकिन वहां का साबुन सुख गया था. मैंने नया झाग किया और फिर आराम से गांड में घुसेड दिया लंड को. मामी को भी गांड मरवाने की बहुत मज़ा आई और उसने अपने कुल्हे हिला हिला के लंड लिया मेरा.
दोस्तों जब मेरा वीर्य निकला तो मामी की गांड में ही निकाल दिया मैंने. और जब मैंने लंड को बहार निकाला तो गांड के अन्दर से वीर्य की बुँदे बहार टपक रही थी. इसे देख के बड़ा मस्त लग रहा था मुझे. मैंने मामी से कहा, कैसा लगा मामी?
मामी ने अपनी गांड को अपने पेटीकोट से साफ़ करते हुए कहा, मस्त लगा बेटा, मामा आयेंगे अब तेरे, चलो कपडे पहन लो.
मैंने कहा, चलो साथ में नहाते हैं पहले.
फिर मैंने और मामी ने साथ में स्नान किया. नहाते हुए भी मैंने अपना लंड मामी को चूसा दिया. और फिर कपड़े पहन के हम लोग बहार आ गए.

पड़ोसन आंटी की रात मे चुदाई

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Paroshan Ki Chudai Sex Stories – Padosan Aunty Ki Raat Me Chudai हेलो एवेरिवन, ये मेरी पहली स्टोरी है, ये स्टोरी मेरे साथ हुई वास्तविक घटना पर आधारित है, सबसे पहले मैं आप सब को अपने बारे मे कुछ बता देता हू, मैं 24 साल का लड़का हू, मैं 5’11” लंबा हू और रेग्युलर जिम जाता हू, अभी मैं दिल्ली मे रहता हू.

ये कहानी मेरे और मेरी पड़ोस की आंटी रोहिणी के अफेर की शुरुआत कैसे हुई उस पर बेस्ड है, रोहिणी 39 साल की मॅरीड लेडी है, वो मेरे पड़ोस मे अपने दो बच्चे एक लड़का और लड़की, अपने हज़्बेंड, जेठानी और भतीजी, एंड ससुर के साथ रहती है.
उसका फिगर डीसेंट और अट्रॅक्टिव है, वो रंग से एकदम फेर तो नही बट उसका फेस बोहोत ही क्यूट है, उसकी लंबाई करीबन 5’2″ के आस पास होगी, उसके ब्रेस्ट की साइज़ भी 34सी या 34डी होगी, उसके चुचे काफ़ी बड़े है, उसका पेट हल्का सा बल्जिंग है और उसकी गॅंड काफ़ी फर्म है.
ये स्टोरी 5 साल पुरानी है, उस समय मैं कॉलेज के 2न्ड ईयर मे था, मैं अपने फ्री टाइम मे उनके घर पे काफ़ी टाइम स्पेंड करता था, रोहिणी के हज़्बेंड बंटी के साथ मेरे काफ़ी अच्छे रीलेशन थे, हम बंटी की अंकल और रोहिणी को आंटी बुलाते थे.
मेरे स्कूल के दीनो से ही मुझे उन पर क्रश था, मैं उसका क्लीवेज और उसकी गॅंड को कोई मुझे देख ना ले उस तरह से देखा करता था, वो जब सफाई करने के लिए झुकती थी तब उसके सलवार से क्लीवेज सॉफ दिखाई देता था, मैने अपने फोन मे उसके क्लीवेज और उसकी गॅंड की काफ़ी फोटोस निकाल रखी थी और उन्हे देखकर मैने काफ़ी
अब सीधे स्टोरी पे आता हू, अंकल को काम के लिए कई बार बाहर जाना पड़ता है, और मोस्ट्ली उनकी ट्रेन रात को ही निकलती है, सो हर बार मैं उन्हे स्टेशन छोड़ने जाता था उन्ही की बाइक पे, ऐसेही एक बार मैं अंकल को छोड़कर बाइक वापिस उनके घर पे रखने जा रहा था, तब मैने सोच लिया था की आज रात तो कैसे भी कर के रोहिणी आंटी को चोद के रहूँगा.
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जब मैने उन्हे बाइक की चाबी लौटाई तब उनसे पानी मागा, मैने सब कुछ प्लॅन कर के रखा था, करीब 3-3:15 बजे थे रात के उसके घर मे, वो अपनी हज़्बेंड और बच्चो के साथ हॉल मे सोती थी, उसका ससुर बेडरूम मे, और उसकी जेठानी अपनी बेटी के साथ दूसरे बेडरूम मे, सो किचन ही एसी जगह थी जहा पे मैं उसे अकेले मिल सकु.
जब वो किचन मे पानी लेने गयी तब मैं भी चुपके चुपके उसके पीछे किचन मे चला गया और बिना कोई आवाज़ करे किचन का दरवाज़ा बंद कर दिया और उसकी और मुड़ा, रोहिणी की पीठ मेरी और थी उसने हल्के ब्राउन कलर का सलवार कमीज़ पहना था, मैं चुपके से उसके पीछे गया और एकदम से उसके मूह को अपने राइट हॅंड से बंद कर दिया ताकि वो कोई आवाज़ ना निकाल सके.
फिर मैने उसके कन मे कहा की मुझे उसके साथ सेक्स करना है, मैं उसकी मर्ज़ी से या ज़बरदस्ती कैसे भी आज उसको चोदने वाला हू, तो अछा यही रहेगा की वो मेरा साथ दे और खुद भी मज़े ले. ये सुनकर वो घबरा गयी और झटपटाने लगी और अपने आप को छोड़ने की कोशिश करने लगी.
मैने उसका मूह ओर ज़ोर से पकड़ और मज़बूत की और उसे बोला की लास्ट चान्स दे रहा हू, अगर झटपटाना बंद नही करेगी तो ज़बरदस्ती करनी पड़ेगी मुझे, पर वो मानने को तैइय्यार ही नही थी.
फिर मैने अपने लेफ्ट हॅंड से उसके बूब्स मसलने लगा कमीज़ के उपर से ही, उसके बूब्स काफ़ी सॉफ्ट थे और बड़े भी, वो मुझसे छूटने की काफ़ी कोशिश कर रही थी पर कोई आवाज़ नही निकल पा रही थी और मैने धीरे से उसके सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और उसके बूब्स दबाने लगा, उसने ब्रा नही पहनी थी.
अब उसने रोना शुरू कर दिया था, मेरे पास अब और कोई ऑप्षन भी नही था अगर मैं उसे ऐसेही छोड़ के चला जाता तो भी वो सब कुछ सबको बता देती, इसीलिए मैने सोचा की वैसे भी वाट तो लगने ही वाली है क्यू ना आछे से मज़े लेकर ही मारे.
फिर मैने अपने लेफ्ट हॅंड से उसके सलवार का नाडा खोला और निकाल दिया, ऐसा करते ही वो और घबरा गयी और मेरे लेफ्ट हॅंड को पकड़ने लगी, मैने बड़े मुश्किल से अपना हाथ छुड़वाया और उसकी पैंटीमे डाल के उसकी चुत में उंगली डाल दी, अब उसका पूरा बदन कापने लगा था, और थोड़ी ही देर मे मेरा लेफ्ट हॅंड गीला हो चुका था.
वो झड़ चुकी थी, और अब वो मुझसे छूटनेकी भी कोशिश नही कर रही थी, मैने धीरे से अपना हाथ उसके मूह से हटाया और उसको अपनी और टर्न किया, उसका फेस अपने दोनो हाथो से पकड़ कर उसके होट पर अपने होट रख दिए और रिप्लाइ मे उसने अपनी ज़ुबान मेरे मूह मे डालना शुरू कर दिया.
अब तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नही था, मैने थोड़ी देर तक उसे किस करने के बाद उसके सारे कपड़े निकाल दिए, वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी, उसके बूब्स काफ़ी बड़े और भरे हुए थे.
मैने सीधा उन पर टूट पड़ा, एक के बाद एक उसके दोनो बूब को जी भर के चूस रहा था, थोड़ी देर बाद मैं भी पूरा नंगा हो गया, फिर कुर्सी पर बैठा और रोहिणी को अपनी गोद मे बिठाया, और फिर से उसके बूब्स चूसने लगा, उसके बूब्स से दूध निकल रहा था जो स्वाद मे हल्का सा मीठा और गाढ़ा था, जी भर के उसका दूध पीने के बाद मैने उसको किस किया फिर उसको मेरा लंड चूसने को बोला.
मेरा लंड करीबन 6 इंच लंबा था और डीसेंट चौड़ा वाला है, उसने पहले तो मना कर दिया पर थोड़ी देर बाद मान गयी, वो मेरे सामने घुटने पर बैठ गयी और मेरा लंड अपने मूह मे ले लिया वो सिर्फ़ लंड का टोपा ही चूस रही थी इस लिए मैने उसका सिर पकड़ के मैने पूरा लंड उसके गले तक पेल दिया, इसके कारण उसकी आँख भर आई और वो ख़ासने लगी, फिर मैने ज़बरदस्ती उसके मूह मे अपना पूरा लंड डाल दिया और उसके मूह को चोदने लगा.
थोड़ी देर बाद वो इस से यूज़्ड तो हो गयी, अच्छे से उसके मूह को चोदने के बाद मैने उसको, डाइनिंग टेबल पर सुलाया, उसकी टाँग पकड़ के अपनी और खींचा और अपने कंधे पर उसकी टाँग रखी, फिर मैने अपना लंड उसके चुत पर रखा, उसकी चुत पर हल्के हल्के बाल थे और पूरी गीली हो चुकी थी उसकी चुत, मैने एक ही झटके मे अपना पूरा लंड उसकी चुत मे पेल दिया, इस से उसके मूह से हल्की सी आआह निकल गयी.
मैं ज़ोर ज़ोर से अपना लंड उसकी चुत के अंदर बाहर करने लगा, उसकी चुत के पानी से मेरा लंड गीला हो चुका था और हमारी चुदाई की पूछक पूछक और ठप ठप की आवाज़ से किचन गूँज रहा था, मुझे डर था की कोई जाग ना जाए पर नसीब अछा था की किसिको कुछ पता नही चला, मैने करीब चार पाँच मिनिट तक उसको उसी पोज़िशन मे चोदा.
फिर मैं वापिस कुर्सी पर बैठ गया और उसको अपनी गोद मे बिठाकर अपना लंड उसकी चुत मे डाल दिया, अब वो मेरी गोद मे मेरा लंड अपनी चुत मे लिए उछाल रही थी, और उसके बूब्स मेरी आँखो के सामने बाउन्स हो रहे थे, मैने फिर से उसके बूब्स चूसना शुरू कर दिया और उसने मेरे लंड पे उछालना जारी रखा.
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थोड़ी देर बाद उसने बोला की वो अब थक गयी है, तो मैने उसके हाथ डाइनिंग टेबलपर रखे उसको झुकाकर पीछे से उसकी चुत मे अपना लंड डाल दिया, और उसको ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा, उसको चोदते हुए मैने अपने लेफ्ट हॅंड का थंब उसकी गॅंड मे डाल दिया इससे वो एकदम चौक गयी और अपनी चुत को और टाइट कर दिया, मैने अपना थंब ऐसेही रख के उसको पेल ने की स्पीड और बढ़ा दी, अब मैं झड़ने वाला था.
बड़ी बेरहमी से उसकी चुत पेलने के बाद मे उसकी चुत मे ही झड़ गया, फिर उसने बिना अपनी चुत सॉफ करे ही कपड़े पहन लिए और मैने भी अपने कपड़े पहन लिए, फिर वो बिना कुछ बोले ही किचन से बाहर जाने लगी, तब मैने उसका हाथ पकड़ के अपने पास खिछा और फिर से कुर्सी पे बैठ कर अपनी गोद मे बिठाया, और उसको किस करने लगा.
थोड़ी देर किस करने के बाद मेरा लंड फिर से तन गया, तो मैने अपना लंड अपनी ट्रॅक पैंट से निकाला और उसको मूह मे लेने को बोला, वो बिना कुछ बोले ही नीचे घुटनो पर बैठ गयी और मैने उसके मूह को चोदना शुरू किया, फिर मैने उसको खड़ा किया उसका सलवार और पैंटी निकाली और डाइनिंग टेबल के सहारे फिर से डॉगी स्टाइल में पीछे से चोदने लगा.
करीबन 15-20 मीं तक ऐसेही चोदने के बाद उसको फिर से लंड चूसने को बोला, थोड़ी देर तक उसके मूह को चोदनेके बाद मैं झड़ने वाला था तब उसका सिर कस कर पकड़ा और उसके मूह में अपना सारा माल छोड़ दिया जो वो पी गयी, फिर से उसने कपड़े पहने और मैं भी वाहा से उसको एक आखरी किस देकर चला गया करीब सुबह के 5 बज रहे थे उस समय.
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मुझे अपना फीडबॅक देने के लिए कृपया कहानी को ‘लाइक’ ज़रूर करे, ताकि कहानियों का ये दौर देसीकाहानी पर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.
उसी दिन से मेरा और रोहिणी का अफेर शुरू हो गया जो आज तक चल रहा है, मैने उसकी ही मदद से उसकी जेठानी और सोसाइटी की कुछ और आंटीस से भी काफ़ी बार चुदाई की.
अगर आपको स्टोरी अछी लगे तो मुझे मैसेज जरूर करे, अगर आछे रेस्पॉन्स मिले तो मैं आगे की स्टोरी में बताउन्गा की कैसे मैने रोहिणी की गॅंड मारी और कैसे बाकी औरतो को चोदा.

दोनों बहनों को 1 जनवरी पार्टी के बाद चोदा अंकल ने

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मेरा नाम दीक्षा है और मेरी छोटी बहन का नाम अनुष्का है। मेरी उम्र 21 है और मेरे से दो साल छोटी है। आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर मुझे और मेरी बहन को कैसे चोदा अंकल ने वही बताने जा रही हूँ। दोस्तों कई बार रिश्ते कुछ आगे बढ़ जाते हैं। रात को जिन्होंने चोदा वो मेरे पापा के दोस्त हैं। और मेरी माँ का दीवाना। मैं कई बार देखा है जब पापा नहीं होते हैं तब वो मेरे घर आते हैं और क्यों आते हैं वो आप खुद ही सोच लीजिये।
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आज मैं आपको अपनी और अपने बहन की चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ। कैसे अंकल नए साल में हम दोनों बहनो को चोदा और हम दोनों बहनों ने भी इसका खूब मजे लिए। क्या क्या हुआ था। कैसे उन्होंने हम दोनों को पटाया और चुदने को राजी किया और फिर हम दोनों बहन भी राजी हुए और नए साल की रात हम दोनों ने खूब रंगरेलियां मनाई पूरी कहानी आपको इस वेबसाइट पर बता रही हूँ। दोस्तों मैं और मेरी दोनों बहन साथ सोते हैं और दोनों के पास अपना पाना मोबाइल है और हम दोनों रात दस बजे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कहानियां पढ़ते हैं और एक दूसरे को सहलाते हैं चूचियां दबाते हैं। एक एक दूसरे की चूत से खेलते हैं किश करते हैं और हस्बैंड वाइफ खेलते हैं। बस एक दूसरे की चूत में लौड़ा ही नहीं जाता। पर हम दोनों एक दूसरे को खुश कर देते हैं रोले प्ले करते हुए। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ।
जैसा की पता है है आपको नए साल की पार्टी के बाद हम हम दोनों बहन छत से अपने कमरे में आ गए। मम्मी पापा और पापा के दोस्त तीनो ड्रिंक करते रहे छत पर। तीनो ने खूब शराब पि ली थी। असल में अंकल की पत्नी उनको छोड़ कर चली गई है एक बच्चा था वो भी ले गई है। तो पापा अलग मिजाज के हैं उन्होंने अंकल को बुला लिया था। नए साल का जश्न साथ मनाने को।
दो तीनो करीब एक बजे पि पाकर छत से निचे आये। हम दोनों बहन आधे घंटे पहले ही आ गए थे। मम्मी पापा दोनों बाहों में बांह डाल कर अपने कमरे में चले गए। और चुदाई कर रहे थे क्यों की बाहर भी यानी मेरे कमरे में भी आवाज आ रही थी। मम्मी कह रही थी चूत चाट गांड में लौड़ा गुसा ले तेज से ले। चोद चोद शायद ज्यादा नशे में होने की वजह से उन लोगों को एहसास नहीं रहा की दो बेटियां और घर में एक गैर मर्द है।
उनकी आह आह उफ़ उफ़ सुनकर हम दोनों बहन ने भी अपने अपने कपडे रजाई में उतार लिए और वो मेरी चूचियों को मसल रही थी मैं उसकी। दोनों एक दूसरे को चुम रहे थे। एक दूसरे को सहला रहे थे कभी वो निचे कभी मैं निचे। यानी हम दोनों भी खूब मस्ती में थे। ऐसा लग रहा था वाकई में हम दोनों बहन चुद रहे हों। अचानक पापा मम्मी की आवाज बंद हो गई और वो सो गए। पर हम दोनों बहन अभी तक एक दूसरे को खुश कर रहे थे।
तभी हम दोनों को लगा कमरे में कोई है जब रजाई हटाई तो देखि अंकल हमारे बेड के पास खड़े थे। वो अपना लौड़ा हाथ में लेकर हिला रहे थे। हम दोनों भी नंगे थे रजाई के अंदर। मेरी छोटी बहन अंकल को देखि लौड़े को देखि। वो विस्तर से निचे हो गई और अंकल का लौड़ा पकड़ कर अपनी जाँघों पर अपने पेट पर रगड़ने लगी। अंकल तुरंत ही उसको अपनी बाहों में भर लिए और होठ पर दॉंत गाड़ने लगे। देखि मेरी छोटी बहन मजे लेने लगी और अंकल भी फुल जोश में आ गए थे।
अब मैं भी खड़ी हो गई निचे और अंकल के लौड़े को पकड़ ली अब दोनों बहनो में होड़ सी लग गई कौन लौड़ा पकड़ेगा। दोस्तों हम तभी अंकल मुझे चूमने लगे और मेरी बहन की चूचियां दबाने लगे। मेरे से बड़ी बड़ी चूचियां मेरी बहन की है पर मेरी चूचियां बहुत ही ज्यादा टाइट है। अब वो मुझे चूमने लगे अपना जीभ मेरे होठ पर फिराने लगे मुँह के अंदर डालने लगे। दोस्तों अब उन्होंने मेरी छोटी बहन को बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगे और मेरी चूचियां दबाने लगे। हम दोनों की काफी ज्यादा कामुक हो गए थे। उन्होंने मेरी बहन की चूत पर लौड़ा लगाए और जोर से घुसा दिया। वो चिहक उठी और फिर शांत हुई यानी वो दर्द से कराह उठी थी। मैं उस समय अपनी बहन की चूचियां सहला रही थी। अब वो जोर जोर से मेरी बहन को चोदना शुरू किये। पर मैं अभी तक कभी बहन की चूचियां दबाती तो कभी चूत से लंड अंदर बाहर कैसे जाता है वही देखती रही तब मेरा मन भी चुदने को करने लगा था।
दोस्तों अब मैं बोली अब मुझे मेरी बहन हट गई और मैं पैर फैला दी। अब उन्होंने मेरी चूत पर अपना लौड़ा सेट किया और घुसा दिया। मेरी चूत पहले से ही गीली थी। लौड़ा सटाक से अंदर चला गया मुझे काफी दर्द हुआ पर जैसे ही लौड़ा दो तीन बार अंदर बहार गया मैं तो पागल हो गई। मेरे रोम रोम खड़े हो गए मेरी वासना भड़क गई। अब मैं गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। कभी गांड को ऊपर निचे करती तो कभी गोल गोल घूमती। अंकल जोर जोर से पेले जा रहे थे और मेरी छोटी बहन मेरी चूचियों को सहला रही थी और निप्पल को दांत से काट रही थी।
अब उन्होंने फिर से मेरी छोटी बहन को चोदना शुरू किया। अब दोनों को एक साथ लिटा दिया। चार पांच बार मेरी चूत में घुसाते फिर मेरी छोटी बहन की चूत में। हम दोनों बहन एक दूसरे को चूम रहे थे चूचियां दबा रहे थे और अंकल बारी बारी दोनों की चूत में लौड़ा घुसा रहे थे। करीब एक घंटे बाद मेरी बहन झड़ गई और अंकल भी झड़ गए। पर मैं अभी भी शांत नहीं हुई थी। मेरी जिस्म की ज्वाला अभी भी भड़क रही थी। पर करती भी क्या। मेरी बहन कपडे पहन कर सो गई सो गई। अंकल भी कपडे पहन लिए और वो दूसरे कमरे में चले गए। मेरी बहन तुरंत ही नींद में आ गई।
पर मैं फिर से अंकल के कमरे में चली गई और थोड़े देर बाद ही उनके लौड़े की हिलाने लगी। वो फिर से तैयार हो गए चोदने को। फिर वो मुझे चोदना शुरू किया। और फिर मेरी तसल्ली हुई। मैं शांत हुई यानी उन्होंने मुझे भी संतुष्ट कर दिया। मैं पूछी अंकल आपने इतनी ताकत कैसे है चोदने की तो उन्होंने टेबलेट दिखाया। बोला ये मैं लेकर आया था। तुम्हारी माँ को चोदने पर आज तेरी माँ तेरे बाप को खुश करने चली गई।
दोस्तों ये है मेरी कहानी नए साल की। मैं दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लेकर आउंगी।

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