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राज और भाभी
Filed Under (Uncategorized) by admin on 17-11-2009
राज और भाभी
मेरा नाम राज है। मैं कनपुर का रहने वला हून। मैं आप को अपनि कहनि बतने जा रहा हून। हमरे घर मैं, मुम्मी और भैया तीन लोग हि थे। भैया का नाम मोहन है। भैया बहुत हि गुस्से वले हैन। वो बात बात पर गुस्सा करते थे इसलिये मैं उनसे बहुत दरता था। मुम्मी मुझे बहुत पयर करति थि। भैया मुझसे 6 साल बदे हैन। ये उस समय कि बात है जब मैं 12 साल का था। भैया कि शदि हो गयि थि। भाभी का नाम मीना था और वो अभि 16 साल कि हि थि। भि मुझे बहुत पयर करति थि और मेरि देखभल भि करति थि। उनसे मुझे मुम्मी और भाभी दोनो का पयर मिलता था। भाभी के आ जने के कुछ दिन बाद मैने देखा कि भैया भाभी से बहुत दरने लगे। वो उनकि हर बात, चहे सहि हो या गलत, तुरनत हि मन लेते थे।
एक दिन भाभी ने मुम्मी से कहा, अब आप रहने दो, आज से मैं हि राज को तेल लगौनगि और नहलौनगि भि। मुम्मी ने कहा, मैं तो इसकि छुन्नि पर भि तेल लगा कर खूब मलिश करति हून। तु कैसे करेगि। भाभी ने कहा, तो कया, मैं राज कि देखभल थीक वैसे हि कर्रुनगि जैसे कि आप करति हैन। भाभी मेरि देख भल मुम्मी कि तरह से करने लगि। वो मेरे सारे कपदे उतर देति और फिर मुम्मी कि तरह से मेरे सारे बदन पर तेल लगति थि। उसके बाद मेरि छुन्नि पर भि तेल लगा कर मलिश करति थि। फिर वो मुझे अपने साथ बथरूम ले जति और अपने सारे कपदे भि उतर कर एक दम ननगि हो जति। उसके बाद वो मुझे अपने साथ हि नहलति थि।
भैया कि शदि के 6 महिने के बाद हि मुम्मी का सवरगवस हो गया तो मैं उदस रहने लगा। मैं कयि दिनो तक सचूल नहिन गया। भाभी ने मुझे पयर से समझया, राज, तुम घबदओ मत, मैं तुमहरि देखभल थीक उसि तरह से करुनगि जैसे तुमहरि मुम्मी किया करति थि। मैं धीरे धीरे भाभी से एक दम घुल मिल गया और मुम्मी को भूल गया। अब मुझे मुम्मी कि याद नहिन सतति थि। जब कभि मैं शररत करता तो भैया मुझ पर गुस्सा हो जते थे। जैसे हि भैया मुझ पर गुस्सा होते तो भाभी उनहेन घूर कर देखति और वो तुरनत हि चुप हो जते।
धीरे धीरे 3 साल गुजर गये। मैं 15 साल का हो गया। मेरि छुन्नि भि अब थोदि बदि हो चुकि थि। भाभी जब तेल लगने के लिये मुझे एक दम ननगा कर देति तो मुझे शरम आति थि। फिर जब वो मेरे सारे बदन पर तेल लगने के बाद मेरि छुन्नि पर तेल लगा कर मलिश करति तो मैं और जयदा शरमा जता था। वो कभि कभि मेरि छुन्नि को चूम भि लेति थि। भाभी मुझसे अकसर मज़क मेन कहा करति थि, तेरि छुन्नि तो 15 साल कि उमर मेन हि जवन आदमियोन कि तरह हो गयि है। मुझे अब तेरि शदि करनि पदेगि। मुझे तेरि छुन्नि बहुत अच्चहि लगति है। उनकि बात सुनकर मैं शरमा जता था।
मैने भाभी से कहा, अब मैं बदा हो गया हून मैं खुद हि नहा लूनगा। वो बोलि, कयोन अब तुझे शरम आति है। मैने कहा, हान। वो बोलि, बदमश कहिन का, आज तक मैं तेरि छुन्नि पर तेल लगा कर मलिश करति रहि और तुझे अपने साथ नहलति रहि। मुझे आज तक शरम नहिन आयि और तु अब शरमा रहा है। मैं तेरि शदि होने तक खुद हि तेरि छुन्नि कि तेल लगा कर मलिस करुनगि और नहलौनगि भि। अगर बदमशि करेगा तो मैं तुझे मरुनगि भि और तेरे भैया से कह दूनगि, फिर तुझे बहुत दनत पदेगि। मैं भैया से बहुत दरता था इस लिये मैं चुप हो जता था। भाभी अभि भि मेरे लुनद को छुन्नि हि कहति थि।
धीरे धीरे मैं 16 साल का हो गया तो मेरि छुन्नि पूरि तरह से लुनद बन गयि। भाभी अभि भि मुझे भैया का दर दिखा कर मेरि छुन्नि पर तेल लगति और मुझे नहलति भि थि। एक दिन मैने भाभी से कहा, अब तो मैं जवन हो गया हून। मेरि छुन्नि भि अब लुनद बन गयि है। जब तुम मेरे लुनद पर तेल लगति हो तो मुझे कुछ कुछ होने लगता है। अब मैं खुद हि नहा लिया करुनगा। वो मुसकुरते हुये बोलि, थीक है, अब मैं तुझे नहिन नहलौनगि और ना हि तेल लगौनगि। अब तो खुश है ना। मैने कहा, हान, अब मैं बहुत खुश हून। उसके बाद मैं खुद हि अपने सारे बदन पर तेल लगने लगा और नहने भि लगा।
धीरे धीरे 2 साल और गुजर गये। मैं 18 साल का हो गया। अब मेरा लुनद पूरे शबब पर आ चुका था और 8″ लमबा और खूब मोता हो गया था। मैं अब भि एक दम ननगा हि नहता था। मैं भाभी से जयदा शरमता भि नहिन था इस लिये मैं बथरूम का दरवज़ा खुला छोद कर हि नहता था। भाभी भि मुझसे जरा सा भि नहिन शरमति थि। वो पहले कि तरह हि एक दम ननगि हि नहति थि और नहने के बाद बथरूम से ननगि हि बहर आ जति थि।
एक दिन मैं नहा रहा था और भाभी बथरूम के पास से गुजर रहि थि तो उनकि निगह मेरे लुनद पर पदि। उनहोने मेरे लुनद कि तरफ़ इशरा करते हुये मज़क किया और कहा, बाप रे, तेरि छुन्नि तो अब एक दम खतरनक हो गयि है। इतनि बदि छुन्नि मैने आज तक नहिन देखि है। तु जवन भि हो गया है। अब तो तेरि शदि करनि हि पदेगि। मैं शरमा गया और मैं तोवेल लपेतने लगा। भाभी बोलि, पहले तो खूब मज़े से अपनि छुन्नि पर तेल लगवता था। अब सहरम आ रहि है। मैने शरमते हुये कहा, भाभी, जओ ना। वो बोलि, अब बथरूम का दरवज़ा बनद कर के नहया कर, नहिन तो तेरि छुन्नि को मेरि नज़र लग जयेगि। मैने मज़क किया और कहा, तुम हमेशा इसे छुन्नि हि कहति रहोगि। ये तो अब छुन्नि से लुनद बन गया है। अब इसे लुनद हि कहा करो। वो बोलि, अच्चहा बबा, अब मैं इसे लुनद हि कहुनगि। मैं जति हून, तु नहा ले। भाभी चलि गयि। मैं नहने लगा।
एक दिन भाभी उदस बैथि थि। मैने पुछा, कया हुअ। वो बोलि, कुछ नहिन। मैने ज़िद करते हुये कहा, बतओ ना। वो बोलि, 6 साल गुजर गये और आज तक मैं मा नहिन बन पयि। सारा दोश तेरे भैया का हि है। मैने खा, कया किया भैया ने। वो बोलि, वो मुझे मा बनने के लयक हि नहिन हैन। मैने पुछा, कयोन। वो बोलि, मुझे शरम आति है। मैने कहा, आज तक तो मुझसे नहिन शरमति थि, कब से शरम आने लगि। वो बोलि, बात हि कुछ ऐसि है। मैने कहा, बतओ ना। वो कहने लगि, तेरा लुनद देख कर मैं सोचति हून कि कश तेरे भैया का भि ऐसा होता तो आज मेरि कोख सूनि ना रहति। मुझे उनसे मज़ा भि नहिन मिल पता।
मैने कहा, इसमेन मैं कया कर सकता हून। वो बोलि, अगर मैं तुझसे एक बात कहून तो तु बुरा तो नहिन मनेगा कयोन कि वो बात कुछ थीक नहिन है और मुझे ऐसा करना भि नहिन चहिये। मैने कहा, तुमने मेरे लिये इतना सब कुछ करति हो कया मैं तुमहरे कुछ भि नहिन कर सकता। तुम बतओ तो सहि। वो बोलि, इतने साल मैने केवल तुझे पल-पोस कर कर बदा करने मेन गुजर दिये और कभि मा बन ने के बारे मेन सोचा हि नहिन। मैने कहा, तुम बतओ तो सहि कि मुझे कया करना है। भाभी बोलि, मुझे शरम आति है। मैने कहा, जब मैं शरमता था तब तो तुम मुझ पर गुस्सा होति थि। अब तुम शरमा रहि हो तो मुझे कया करना चहिये, बतओ।
मेरि बात सुनकर वो हस पदि और बोलि, मन मा बन ना चहति हून और साथ हि साथ मैं मज़ा भि लेना चहति हून। अगर तेरा कोयि दोसत हो और उसका लुनद तेरे जैसा हो तो।।।।। इतना कह कर वो चुप हो गयि। मैने कहा, मैं समझ गया लेकिन अगर भैया को पता चल गया तो। वो बोलि, वो कया कर लेनगे। तु तो जनता हि है कि मैं जब उनहेन घूर कर देखति हून तो वो चुप हो जते है। वो मेरि हर सहि या गलत बात को मान भि लेते हैन। वो ऐसा कयोन करते हैन मैं आज तुझे बतति हून। तेरे भैया का लुनद बहुत छोता है। उनका लुनद थीक उतना हि बदा है जितना 13 साल के उमर मेन तेरा था। उनका काम भि बदि मुशकिल से 2 मिन मेन हि खतम हो जता है। इसि लिये वो मुझसे दरते हैन। मैने कहा, अब मैं समझा कि वो तुमसे इतना दरते कयोन हैन। भाभी ने कहा, मुझे तेरे भिअया से कोयि दर नहिन है। मैने कहा, आस पास के लोग कया कहेनगे। वो बोलि, मैं यहन थोदे हि करौनगि। तेरे दोसत के पास हि चलुनगि और तु मेरे साथ चलेगा। मैने कहा, मेरा एक दोसत है, शिव। वो अकेले हि रहता है। मैं उस से बात कर लून फिर तुमहेन उसके पास ले चलुनगा। भाभी ने कहा, मुझे तेरे जैसा लुनद भि चहिये।
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